महानगर में पांच स्थानों पर छठ महापर्व मनाया जाएगा। पूर्वांचल के लोग भारी संख्या में महानगर में निवास करते हैं। उनकी सुविधा के हिसाब से प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम ने सफाई के साथ ही वैकल्पिक तालाब बनाने की शुरूआत कर दी है।
छठ महापर्व कुछ साल पहले तक पूर्वांचल का महापर्व माना जाता था। आजकल प्रत्येक बड़े शहर में छठ मनाया जाता है। प्रशासन और नगर निगम की तैयारियों की सूची में भी छठ को शामिल कर लिया गया है। छठ महापर्व को ज्यादातर पूर्वांचल के लोग ही मनाते हैं, लेकिन कई स्थानीय लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
महानगर में योें तो कई स्थानों पर छठ मनाया जाता है, लेकिन मुख्य आयोजन पांच स्थानों पर ही किया जाता है। बुद्धि विहार, केजीके स्कूल के पास, कपूर कंपनी पुल के पास, रामगंगा नदी में छठ घाट पर और चाऊ की बस्ती में छठ मनाया जाता है।
नगर निगम ने छठ की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए रामगंगा में घाट की सफाई कराकर सुरक्षा के लिए बेरीकेडिंग कराई जाएगी। छठ घाट के आसपास नदी में गिरने वाले गंदे नालों को रोका जाएगा। इसके साथ ही अन्य स्थानों पर पार्कों की सफाई कराई जा रही है।
पार्कों में ही वैकल्पिक तालाब बनाए जाएंगे और उनमें निगम के टैंकरों से पानी भरा जाएगा। जीएम जलकल एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि छठ पूजन के लिए निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।