सरकार ने अबकी बार दस दिन पहले चीनी मिल चलवाने का निर्णय लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को 15 अक्तूबर से चलाया जाएगा। पिछले साल मिलों का संचालन 25 अक्तूबर से किया गया था। गन्ना क्षेत्र बढ़ने के चलते सरकार ने इसके आदेश जारी किए हैं।
चीनी मिलों का संचालन गन्ने की परिपक्वता और क्षेत्रफल के आधार पर लिया जाता है। इस बार गन्ना सत्र 2018-19 में मिलों को 15 अक्तूबर से चलवाया जाएगा। वेस्ट यूपी की चीनी मिलों को इसका नोटिस जारी कर दिया गया है। अपने गन्ना क्षेत्र के हिसाब से मिल हर हाल में पांच नवंबर तक चलानी होंगी। पिछले साल 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक मिलों का संचालन शुरू कराया गया था। सूबे में सबसे पहले वेस्ट यूपी की मिलों को ही चलाया जाएगा। इस क्षेत्र में गन्ना जल्दी पकता है। मध्य क्षेत्र में चीनी मिल 25 अक्तूबर से 10 नवंबर के बीच चलाया जाएगा। पूर्वी क्षेत्र की चीनी मिल 10 से 25 नवंबर के बीच चलानी होंगी। इससे किसान गन्ने के खेत खाली कर जल्दी से गेहूं और जौ की बुवाई कर सकते हैं। इस बार प्रदेश में गन्ना क्षेत्र में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। मुरादाबाद मंडल में इस बार नौ हजार हेक्टेयर गन्ना ज्यादा बोया गया है। पिछले साल गन्ना क्षेत्र चार लाख 8212 हेक्टेयर था। इस बार गन्ना क्षेत्र बढ़कर चार लाख 17847 हेक्टेयर हो गया है।
गन क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है और किसानों को जल्दी खेत खाली कर गेंहू की बुवाई करनी है। इसकेचलते गन्ना मंत्री ने चीनी मिल चलवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी मिलों को इसका नोटिस जारी कर दिया गया है। मिल तत्काल सफाई और मरम्मत का कार्य करा लेंगे।
- राजेश मिश्र , गन्ना उपायुक्त।