तूफान का कहर अभी तक लोगों को परेशान किए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गांवों में है। तूफान केतीसरे दिन 789 गांवों तक बिजली आपूर्ति नहीं पहुंच पाई। अफसरों को विद्युत पोल और तार मिलने में भी परेशानी आ रही है। मंगलवार से शहरों की टीम को भी ग्रामीण क्षेत्रों के काम में लगाया जाएगा।
तूफान का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ और अधिकारियों का सबसे कम ध्यान भी वहीं पर रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत लाइन पेड़ों - बागों के बीच से होकर जाने और तूफान का असर ज्यादा रहने के चलते बड़े स्तर पर क्षति हुई थी। सबसे ज्यादा नुकसान 33 केवीए की हाईटेंशन लाइनों में हुआ था। तूफान के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के 1100 गांवों में सप्लाई ठप हो गई थी। रविवार शाम को जिले के 789 गांवों को बिजली का इंतजार था।
अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 638 विद्युत पोल टूटे थे। कर्मचारी रोजाना सौ विद्युत पोल ही खड़े कर पा रहे हैं। जरूरत के हिसाब से विद्युत पोल और तार की मांग की गई है। सप्लाई को शुरू होने में अभी तीन दिन का समय और लगेगा। मंगलवार से शहर की टीमों को भी ग्रामीण क्षेत्रोें में लगाया जाएगा। निजी ठेकेदारों के मजदूरों को लगाया गया है।
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तूफान का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्र में हुआ। इतने भीषण नुकसान का अंदाजा तक नहीं था। लेबर और सामान उपलब्धता की सीमाएं हैं। उम्मीद की जा रही है कि तीन दिन में सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
- संजय कुमार गर्ग, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण।
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