यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले सभी सरकारी और अनुसूचित बी की श्रेणी में आने वाले बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। इस दिन बैंक नहीं खुले। यूनियन की हड़ताल से बैंकों को 120 करोड़ का नुकसान हुआ।
बैंक कर्मी सुबह साढ़े नौ बजे सिविल लाइंस स्थिति इलाहाबाद बैंक पर एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। बैंक कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका वेतन समझौता अक्टूबर 2017 में समाप्त हो चुका है। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया। है। तब से अब तक यूनियन और भारतीय बैंक संघ के बीच कई वार्ताएं हो चुकी है। लेकिन संघ इस मामले में टालमटोल का रवैया अपनाता रहा है। भारतीय बैंक संघ ने पीएनबी बैंक के नीरव मोदी घोटाले की आड़ लेकर प्रस्तावित बैठक भी रद्द कर दी। इसके बाद वित्त मंत्री और वित्तीय सचिव द्वारा आश्वासन के बाद 5 मई 2018 को हुई वार्ता हुई। इस वार्ता में संघ द्वारा मात्र 2 प्रतिशत वेतन वृद्धि और वेतन समझौते में केवल स्केल एक और तीन तक के अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई। इससे बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों में आक्रोश है। पदाधिकारियों ने कहा कि इसके बाद से लगातार प्रदर्शनों का दौर जारी है। प्रदर्शनकारियों ने खराब ऋणों की वसूली नहीं होने और इस संबंध में सख्त कानून नहीं बनाए जाने पर भी रोष व्यक्त किया। वहीं बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकों को लगभग 120 करोड़ का नुकसान हुआ। आर्थिक मामलों के जानाकर नवनीत कुमार ने बताया कि इस दिन 50 करोड़ का कैश लेनदेन और 70 करोड़ का चेक क्लीयरिंग व ट्रांसफर नहीं हो पाया। क्योंकि मुरादाबाद के बैंकाें में लेनदेन, चेक क्लीयरिंग और ट्रांसफर रोजाना का औसतन करीब इतना ही रहता है। विरोध प्रदर्शन में जीपी सरन, एन एन टंडन, एसपी सिंह, जगदीश सिंह, संजय रस्तौगी, प्रताप सिंह, योगेश सरन नवनीत राजवंशी समेत दर्जनों बैंक कर्मी शामिल रहे।
आज भी जारी रहेगी हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस गुरुवार को भी हड़ताल पर रहेगी। इन दिन बैंक कर्मी एसबीआई शाखा पर एकत्र होंगे और अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करेंगे। बैंक कर्मचारी 48 घंटे की हड़ताल पर हैं।
एटीमए के सहारे रहे लोग
बैंक नहीं खुलने से लोगों को कैश के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा। शहर के अधिकांश एटीएम में कैश दोपहर को ही समाप्त हो गए थे। ऐसे में लोगों को कैश के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम भटकना पड़ा। वहीं बैंक संबंधी अन्य कार्य भी लोग नहीं करा पाए।