मुरादाबाद। कोरोना की दहशत के बीच मुरादाबाद के लोगों के लिए अच्छी खबर है। लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण से आशंकित लोगों के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती और स्क्रीनिंग के लिए अस्पताल पहुंचने वालों की संख्या में कमी आई है। जिले में अब तक 20 सैंपल रिपोर्ट में मात्र एक पाजिटिव केस है। 19 लोगों की निगेटिव रिपोर्ट आने के साथ उनको डिस्चार्ज किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण की चेन टूटी है। लोगों की जागरूकता से यह संभव हो सका है।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक मुरादाबाद जिला आबादी की दृष्टि से अति संवेदनशील श्रेणी में है। जिले में जनसंख्या घनत्व अधिक होने के साथ विदेशों से आनी वालों की संख्या भी अधिक है। इस लिहाज से कोरोना संक्रमण के फैलाव को लेकर इंतजाम किए गए हैं। सीएमओ के मुताबिक जिले में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दस बेड का क्वारंटीन वार्ड संचालित है। एहतियातन सरकारी और निजी अस्पतालों में आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्ड को संख्या रिजर्व रखी गई है।
जिले से कोरोना संक्रमण संभावित 20 लोगों के सैंपल अभी तक भेजे गए हैं। इनमें मूंढापांडे की एक युवती की पाजिटिव रिपोर्ट है। बाकी 19 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। युवती के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। अस्पतालमें यवती समेत दो लोग ही भर्ती है। युवती के संपर्क में आए व्यक्ति की भी निगेटिव रिपोर्ट आई है। मूंढापांडे क्षेत्र में विभाग ने हर घर की स्क्रीनिंग की है। टीमें लगातार नजर रख रही हैं।
स्क्रीनिंग के लिए अस्पताल पहुंचने वालों की संख्या भी कम हुई है। शुरुआती दिनों में पांच से सात लोग अस्पताल लाए गए। लेकिन लाकडाउन के बाद रोजाना दो से तीन लोग ही स्क्रीनिंग के लिए एंबुलेंस से अस्पताल लाए जा रहे हैं। सीएमओ का कहना है कि चेन टूटने से आंशकित लोगों की संख्या में कमी आई है। 21 दिन लॉकडाउन की पालन करें तो कोराना पर पूरी तरह नियंत्रण हो सकता है।