नगर निगम में गृहकर व जलकर में पुराना डाटा डिलीट कर 20 करोड़ 50 लाख रुपये के घपले का खुलासा हुआ है। आठ साल से चल रहा यह खेल पिछले दिनों अधिकारियों की आपसी लड़ाई के बाद सामने आया है। नगर आयुक्त ने डाटा तैयार कराकर इसकी विस्तृत जांच उपनगर आयुक्त को सौंप दी है।
कर निर्धारण अधिकारी की प्राथिमक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों ने कंप्यूटर में पुराना डाटा डिलीट कर यह घपला किया था। केवल मौजूदा टैक्स जमा कराकर खातों को अपडेट कर दिया गया। रिपोर्ट में कहा है कि पुराने बकाया को अवैध धनराशि लेकर डिलीट करने का धंधा 2010 से लगातार चलता रहा है। जिसमें कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे हैं। पिछले दिनों इनके बीच बंटवारे को लेकर हुआ विवाद उच्च अधिकारियों तक पहुंचा था। उसी केबाद जांच बैठाई गई थी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव ने प्राथमिक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि टैक्स के रजिस्टर, नोटिस बुक और बैंकों में जमा कराई गई धनराशि के अभिलेखों से 20 करोड़ 50 लाख रुपये के घपले की पुष्टि हुई है। यह रिपोर्ट 16 फरवरी को नगर आयुक्त के समक्ष पेश की गई थी। अब इस मामले की विस्तृत जांच उप नगर आयुक्त कर रहे हैं। जिसमें इस घपले के लिए अधिकारी और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जानी है। उसी केआधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।