मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर आवारा घूमने वाले निराश्रित एवं आवारा जानवरों को 10 जनवरी तक गो संरक्षण केंद्रों में भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों और जनता को आवारा जानवरों से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आवारा जानवर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बचने के लिए आवारा जानवरों को गो संरक्षण केंद्रों में रखा जाए। केंद्रों में आवारा पशुओं के चारे, पानी, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनकी देखरेख के लिए केयरटेकर की तैनाती की जाए। पशुओं को आवारा छोड़ने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। गो संरक्षण केंद्र से अपने पशु छुड़वाने आता है तो उससे आर्थिक दंड वसूला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुधन अनुभाग से ग्रामीण एवं शहरी निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रम स्थल की स्थापना का आदेश जारी हो गया है। इसके तहत ब्लाक, तहसील, जिला, मंडल और राज्य स्तर पर गोवंश आश्रम स्थलों का स्थापना की जाएगी। क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए प्रबंध समितियां गठित होंगी। तहसील स्तर पर गठित समिति का विकास खंड स्तरीय समीक्षा होगी। जिला स्तरीय समिति ब्लाक और तहसील स्तर की समितियों के कार्यों की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि हरहाल में 10 जनवरी तक निराश्रित एवं आवारा जानवरों को गो संरक्षण केंद्रों में पहुंचाया जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, सीडीओ मृदुल चौधरी, एडीएम, एसडीएम और निकायों के अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।