पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदान पर दिखना शुरू कर दिया है। रात में कंपकंपी के बाद अब में भी मौसम ठंडा हो रहा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन धूप में तपिश न होने की वजह से सर्दी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दिनों में ठंड बढ़ जाएगी।
बुधवार को बादल छाने और आसपास के जनपदों में बारिश होने की वजह से अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम हो गया था। इसके कारण दिन में भी लोगों की कंपकंपी बंधी रही। गुरुवार को बादल छंटने की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 22.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 10.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। इसके बावजूद तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक था। वेबसाइट के अनुसार 19 दिसंबर तक वातावरण में सुबह के समय कोहरा और धुंध छाई रहेगी। तापमान 23 से नौ डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि बहुत हल्का पश्चिमी विक्षोभ था, जिसकी वजह से थोड़ी बारिश हुई है। अब कोहरा होने के साथ मौसम साफ रहेगा। कहीं-कहीं आंशिक रूप से बादल रहेंगे। तापमान में गिरावट के साथ अब ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग के नए शोध में खुलासा हुआ है कि ठंड के दिन घट जाएंगे। 15 दिसंबर से 31 जनवरी तक ठंड ज्यादा रहेगी। फरवरी में तापमान में सुधार आएगा। ठंड कम होने का सबसे बड़ा कारण बढ़ते प्रदूषण को माना गया है। रबी की फसलों को ठंड की जरूरत पड़ती है। फसलों पर कम से कम औसत से 15 फीसदी पैदावार कम होने की संभावना है। इसकी वजह से पैदावार प्रभावित होगी।