प्रथम भगवान गणेश के स्वागत को पीतल नगरी पूरी तरह से तैयार हो रही है। गुरुवार को गणेश चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता का आगमन होगा और इसी के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। भक्तगण पांच और सात दिन तक गणेशोत्सव मनाएंगे। विभिन्न संगठनों की ओर से विघ्नहर्ता की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। बाजार में भी त्योहार को लेकर रौनक है।
मंगलवार को साप्ताहिक बंदी की वजह से ज्यादातर बाजार बंद था, लेकिन भगवान गणेश की प्रतिमाएं और पूजा-सामग्री की दुकानें खुली हुई थीं। इसके अलावा फूल विक्रेताओं भी ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने भी दुकानदारों को निराश नहीं किया। दोपहर होते-होते दुकानों पर भीड़ पहुंचने लगी। ताड़ीखाना पर दुकानदार नवीन गुप्ता ने बताया कि चंदन टीका, रोली, सुपारी, बताशे, भगवान गणेश के लिए पीला कपड़ा खरीदने के लिए आ रहे हैं। गत वर्ष से बिक्री में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फूल विक्रेता सचिन कुमार ने बताया कि खुले फूल, छोटी माला के अलावा गणपति जी केे सिंहासन को सजाने का करीब 20 स्थानों से ऑर्डर मिला है। दिल्ली से फूल मंगवाए जा रहे हैं।
युवाओं में खासा उत्साह
पूजा के दो दिन शेष होने की वजह से ज्यादातर स्थानों पर पांडाल लग गए हैं। करीब सौ से ज्यादा स्थानों के लिए बड़ी-बड़ी मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं। शहर की प्रमुख सड़कें कृत्रिम रंग-बिरंगी रोशनी से जगमग होंगी। त्योहार को लेकर युवाओं का उत्साह चरम पर है। पूजा सामग्री खरीदने, सजावट करने के अलावा वह भगवान की प्रतिमाएं लेकर आए।