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बीटेक में सीधे प्रवेश पर दोगुना पंजीकरण शुल्क

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मुरादाबाद। इंजीनियरिंग की चाहत में सीधे प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जेब पर अब पंजीकरण का बोझ बढ़ जाएगा। यह धनराशि प्रवेश फार्म जमा करने वाले विद्यार्थियों से ज्यादा है। शिक्षकों ने बताया कि अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने संबंधित संस्थानों को पत्र जारी कर विद्यार्थियों से आनलाइन पंजीकरण शुल्क जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। इसलिए जो विद्यार्थी अब तक प्रवेश ले चुके हैं, उन्हें विश्वविद्यालय का पंजीकरण शुल्क जमा करने को कहा जा रहा है।
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यूपीएसईई के प्रवेश फार्म भरने के लिए विद्यार्थियों को करीब डेढ़ हजार रुपये शुल्क देना होता है। इसके अलावा काउंसलिंग के प्रत्येक चरण के लिए एक-एक हजार रुपये का भी शुल्क है। अभी इंजीनियरिंग, प्रबंधन और फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश के लिए राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग का दूसरा चरण चल रहा है। छह जुलाई से शुरू हुई प्रक्रिया का परिणाम दस जुलाई को आएगा, जबकि 12 जुलाई तक का समय सीट कंफर्मेशन के लिए है। इसके अलावा पहले चरण में छूटे हुए विद्यार्थी भी अपनी पसंद को भर रहे हैं।

सीधा प्रवेश सहारा
पहले चरण में पूरे प्रदेश में जहां 19 हजार सीट भरी हैं, वहीं दूसरे चरण की काउंसलिंग में सिर्फ 37 हजार अभ्यर्थी ही शामिल हुए हैं। कम रुझान को देखते हुए संस्थानों ने समय से ही सीट भरने के लिए सीधे प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके तहत विद्यार्थियों को बिना प्रवेश परीक्षा में बैठे ही प्रवेश दिया जा रहा है।
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गत वर्ष सीधे प्रवेश पर रोक
गत शैक्षिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत में एकेटीयू ने सिर्फ प्रवेश परीक्षा वाले विद्यार्थियों को प्रवेश देना अनिवार्य किया था। बाद में सीट रिक्त होते देखकर सीधे प्रवेश की अनुमति दी थी। इस बार शुरुआत से यह बाध्यता नहीं रही है।

जब विश्वविद्यालय के माध्यम से छात्र आएंगे तो उनके प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए संस्थानों को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रवेश परीक्षा के महत्व को बरकरार रखना भी इसका एक उद्देश्य है।
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डॉ. भानु प्रताप सिंह, निदेशक, एमआईटी।
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