जून माह बीतने को है और तापमान का पारा भी चढ़ रहा है। साफ आसमान होने की वजह से दिन निकलने के साथ ही सूरज तेवर दिखाने लगता है। दिनभर तपिश झेलने के बाद रात को भी गर्मी से सुकून नहीं मिल रहा है। भीषण गर्मी के चलते बच्चे और बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि युवाओं की सेहत भी जवाब देने लगी है। वहीं, फसलें भी मौसम की मार नहीं झेल पा रही हैं। मौसम अधिकारियों के अनुसार आसमान में बादल न होने की वजह से अधिकतम तामपान बढ़ रहा है तो न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि इस गिरावट से गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है।
सोमवार को अधिकतम तापमान में .2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो वहीं न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय दस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पूर्वी हवा चलने से उमस ने बेचैनी बढ़ा दी थी। पंखे और कूलर की हवा भी गर्म हो रही थी, जिसकी वजह से लोग रात को सुकून की नींद सो नहीं पाए। स्थिति यह थी कि सुबह साढ़े छह बजे से धूप में निकलना मुश्किल हो रहा था। धूप की तपिश और उमस ने जनमानस को बेहाल कर दिया। सुबह 11 बजे के बाद हवा ने अपना रुख बदला। 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिमी हवा चलने से उमस तो कम हो गई, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी हो गई। राजकीय इंटर कालेज में मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि सुबह की आर्द्रता 68 फीसदी और शाम की 46 फीसदी रही है।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जब आसमान साफ होता है तो सूरज की किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं। बुजुर्ग ही नहीं, यदि युवा भी सूती कपड़े से अपना सिर ढककर नहीं चलेंगे तो उन्हें भी हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। वहीं फसलों में बहुत से किसान अभी धान की पौध तैयार कर रहे हैं। उन्हें प्रतिदिन उसमें पानी भरना होता है। दोपहर में पानी गर्म होने से पौध भी झुलस रही है। बारिश न होने से गन्ने की फसल में सिंचाई होने के बावजूद पानी की भरपाई नहीं हो रही है। मंगलवार दोपहर बाद बादलों की उम्मीद है, वहीं 27 जून से एक जुलाई तक बादलों के अलावा तेज हवा और बारिश की संभावना बन रही है।