मुरादाबाद। कोर्ट के आदेश पर मुगलपुरा पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज किया है। आरोप है कि व्यवसायी का लोन सेटलमेंट कराने के नाम पर 19 लाख रुपये हड़प लिए हैं। पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही है।
कटघर के रहमतनगर छप्पर वाली मस्जिद के पास रहने वाले हमजा ने पुलिस को बताया कि मकान गिरवी रखकर उसने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की लालबाग शाखा से 38 लाख रुपये का लोन लिया था। उसने कुछ माह तक नियमित रूप से मासिक किस्त जमा किया। कुछ दिनों बाद कारोबार में मंदी आने की वजह से किस्तें जमा नहीं हो सकी। इसके बाद बैंक ने बंधक मकान को नीलाम करने का नोटिस दिया। इस बीच बैंक के तत्कालीन प्रबंधक ने हमजा के पिता की अधिवक्ता सैय्यद नजर मुख्तार से मुलाकात कराई। मुख्तार को बैंक का लीगल एडवाइजर बताया। भरोसा कर पिता ने मुख्तार के कहने पर समय-समय पर कई प्रार्थना पत्र दिए। इसके लिए उसने 15 हजार रुपये फीस ली। दावा किया कि शीघ्र ही लोन का सेटलमेंट हो जाएगा। पिता की मौत के बाद हमजा अधिवक्ता नजर मुख्तार से मिला। उसने बताया कि लोन का सेटलमेंट 19 लाख रुपये में बैंक से हो गया है। मेरे खाते में पैसे जमा कर दो तो बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल जाएगा। बाद में उसने अधिवक्ता और उनके बड़े भाई के खाते में कुल 19 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बावजूद इसके अधिवक्ता ने बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र लाकर नहीं दिया। छह अगस्त 2025 को बैंक ने लोन की राशि जमा नहीं करने पर एक लीगल नोटिस भेज दिया। काफी परेशान होने के बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के तहत आरोपी अधिवक्ता सैय्यद नजर मुख्तार और उनके भाई जफर मुख्तार के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।