दो किसानों के बेटे और बेटियों की सीआईएसएफ में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगों ने 19 लाख रुपये ठग लिए। भाई-बहन जब श्रीनगर ट्रेनिंग के लिए पहुंचे तो स्पोर्ट्स प्रमाण पत्रों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। मझोला थाने की पुलिस ने किसान की तहरीर पर दो जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बिजनौर जनपद के अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के सीरवासु चंद्र कासमपुर गढ़ी निवासी कृष्णपाल सिंह ने मझोला थाना क्षेत्र के आजाद नगर आटीओ ऑफिस के पास रहने वाले हारुन और नासिर अहमद के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जिसमें किसान कृष्णपाल सिंह ने बताया कि उसके पड़ोसी गांव निवासी अमित नाम के व्यक्ति ने आरोपी हारुन और नासिर अहमद से मिलवाया था।
हारुन ने बताया कि वह स्पोर्ट्स प्रमाण पत्र बनाता है। जिसके जरिए तमाम युवक और युवतियां सीआईएसएफ समेत अन्य फोर्स में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हो चुके हैं। आरोपी ने प्रमाणपत्र बनाने से लेकर भर्ती कराने तक की पूरी जिम्मेदारी ली थी। आरोपी ने एक आवेदक से 4 लाख 75 हजार रुपये तय किए थे।
तब कृष्णपाल ने अपने बेटे अरुण और बेटी मनीषा की नौकरी के लिए हारुन और नासिर को नौ लाख 50 हजार रुपये दिए थे। कृष्णपाल के गांव के ही बलवीर सिंह ने अपने बेटे सोनू कुमार और बेटी प्रियंका की नौकरी के लिए नौ लाख 50 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद आरोपी ने चारों को स्पोर्ट्स प्रमाणपत्र दे दिए थे।
चारों भाई बहन प्रमाणपत्र लेकर श्रीनगर में ट्रेनिंग के लिए पहुंच गए थे। वहां जाकर पता चला कि प्रमाणपत्र फर्जी हैं। इसके बाद युवक और युवती वापस आ गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी धमकाने लगे थे। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।