मुरादाबाद। पांच साल पुराने युवक पर जानलेवा हमले के मामले में एडीजे ग्यारह इंतेखाब आलम की अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई है, जबकि साढ़े ग्यारह हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है।
बिजनौर जनपद के सैदपुरी निवासी महीपाल सिंह ने ग्यारह पांच 2014 को ठाकुरद्वारा थाने में मुनीमपुर निवासी शिवम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें महीपाल सिंह ने बताया था कि उसका बेटा सत्यपाल सिंह ठाकुरद्वारा के गांव रतूपुरा में योगेश के मकान रहकर में स्टेनो ग्राफी की तैयारी रहा था। उसका रिश्ता मुनीमपुर निवासी युवती से तय किया गया था। युवती और शिवम एक ही गांव के रहने वाले हैं। शिवम ने उसके बेटे सत्यपाल से कहा था कि वह उस युवती से इकतरफा प्यार करता है। आरोपी ने सत्यपाल पर दबाव बनाया कि वह उस लड़की से रिश्ता तोड़ दे। जब सत्यपाल ने रिश्ता तोड़ने से इनकार तो आरोपी शिवम ने सतपाल की हत्या करने की नियत से उस पर चाकू से हमला कर दिया था। जिसमें सतपाल गंभीर घायल हो गया था। ठाकुरद्वारा पुलिस ने इस केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी शिवम के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस केस की सुनवाई एडीजे ग्यारह इंतेखाब आलम की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी मधु रानी चौहान ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई है। जबकि साढ़े ग्यारह हजार का जुर्माना भी लगाया है।