मुरादाबाद। किडनी के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिला अस्पताल में अप्रैल से डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। 10 बेड की यूनिट पीपीपी मोड पर संचालित होगी। इसमें मरीजों की फ्री में डायलिसिस की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की घोषणा के बाद मुरादाबाद मंडल मुख्यालय के जिला स्तरीय अस्पताल में डायलिसिस यूनिट स्थापित हो रही है। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक डायलिसिस यूनिट में मशीनें लगाने का काम शुरू हो गया है। मशीनों के साथ आरओ प्लांट लगाया जा रहा है। बनारस की कंपनी पीपीपी मोड पर यूनिट का संचालन करेगी। यूनिट का स्टाफ अनुबंधित कंपनी का अपना होगा। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एनके मिश्रा की देखरेख में यूनिट चलाई जाएगी। यूनिट में प्रतिदिन 10 लोगों की डायलिसिस की क्षमता होगी। एक बार में अधिकतम 60 मरीजों का पंजीकरण होगा। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि मरीजों की डायलिसिस फ्री में होगी। कंपनी को प्रति डायलिसिस का खर्च सरकार वहन करेगी। जिला अस्पताल में मशीनों को स्थापित करने का कार्य आखिरी चरण में है। अप्रैल से इसकी शुरुआत हो जाएगी।
100 से अधिक किडनी के मरीज
चिकित्सा अधीक्षक के मुताबिक मुरादाबाद मंडल में करीब 100 से अधिक लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। मरीजों को निजी अस्पताल में डायलिसिस करवानी पड़ती है। निजी अस्पताल दो हजार से चार हजार रुपये प्रति डायलिसिस खर्च वसूलते हैं। इसके अलावा दवाएं अलग से खरीदनी पड़ती हैं।
- अभी तक मरीजों को मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है। मुरादाबाद में यूनिट खुलने से मरीजों का समय और पैसा दोनों की बचत होगी। - डा. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक