बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में ‘शाला सिद्धि’ कार्यक्रम के अंतर्गत बाह्य मूल्यांकन किया जाएगा। स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के साथ शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर प्रत्येक बिंदु पर मूल्यांकन किया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पहले चरण में 35 फीसदी स्कूलों का मार्च में मूल्यांकन कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।
मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में शाला सिद्धि कार्यक्रम संचालित हो रहा है। इसका मकसद शैक्षिक सुधार, आधारभूत सुविधाओं के साथ शिक्षकों के दायित्व निर्धारित करना है। स्कूलों ने स्वयं मूल्यांकन कर रिपोर्ट आनलाइन फीड कर दी है। राज्य परियोजना निदेशालय के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बाह्य मूल्यांकन कराने के निर्देश जारी किए हैं। बीएसए ने कहा कि मूल्यांकन टीम में दूसरे स्कूलों के प्रधानाध्यापक, एनपीआरसी और एबीआरसी शामिल होंगे। छात्र नामांकन के आधार पर मूल्यांकन टीमों में सदस्य शामिल किए जाएंगे। 100 छात्र संख्या वाले स्कूलों का मूल्यांकन दो सदस्यीय टीम करेगी। 200 छात्र नामांकन संख्या वाले स्कूलों में तीन सदस्य और 300 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में पांच सदस्य होंगे। मार्च में मूल्यांकन पूरा कर रिपोर्ट आनलाइन रिपोर्ट देनी होगी।
मूल्यांकन के बिंदु
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- विद्यार्थियों की जनांकिकी प्रोफाइल
- कक्षावार छात्र एवं छात्राओं की वार्षिक उपस्थिति दर
- कक्षावार वार्षिक समेकित रिपोर्ट (अधिगत परिणाम)
- अध्यापकों की प्रोफाइल
- मुख्य विषयों में वार्षिक उपलब्धियां
- अध्यापकों की उपस्थिति
- अध्यापकों की छुट्टी के प्रकार एवं उनकी संख्या
- संसाधन, उपलब्धता एवं उपयोगिता
- शिक्षण अधिगम एवं आंकलन
- बच्चों की प्रगति एवं विकास
- अध्यापकों के कार्य निष्पादन एवं प्रबंधन
- विद्यालय नेतृत्व एवं प्रबंधन
- समावेशन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा
- समुदाय की गुणात्मक सहभागिता
मुख्य विषयों पर छात्र उपलब्धि का मूल्यांकन
- 81 से 100 अंक लाने वाले ए ग्रेड
- 61 से 80 अंक लाने वालों को बी ग्रेड
- 41 से 60 अंक लाने वालों को सी ग्रेड
- 33 से 40 अंक लाने वालों को डी ग्रेड
- 32 अंक लाने वालों को ई ग्रेड