उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू हो जाएंगी। नकल विहीन एवं पारदर्शिता से परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर दी हैं। जिले में 125 सेंटरों पर 83730 छात्र एवं छात्राएं परीक्षा देंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने परीक्षा ड्यूटी कर्मियों को एहतियात बरतने के आदेश जारी किए हैं।
मुरादाबाद जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 83730 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। 44506 छात्र एवं 39224 छात्राएं हैं। हाईस्कूल में कुल 44746 और इंटरमीडिएट में 38984 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। नौ राजकीय, 45 सहायता प्राप्त और 71 वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा सेंटर बनाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक के मुताबिक जिले में 22 संवेदनशील और 10 अति संवेदनशील परीक्षा सेंटर हैं। इनमें कड़ी सुरक्षा एवं निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं सभी केंद्रों को पहुंचाई जा चुकी हैं। सात फरवरी से दो मार्च तक परीक्षाएं संचालित होंगी। पहली पाली सुबह आठ बजे से 11.15 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर दो बजे से 5.15 बजे तक चलेंगी। पहले दिन हाईस्कूल की संगीत गायन और इंटरमीडिएट के काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प और सिलाई की परीक्षा होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक के मुताबिक परीक्षा के लिए 125 केंद्र व्यवस्थापक, 115 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, 4125 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई है। पांच जोनल मजिस्ट्रेट, 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 125 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। डीआईओएस, बीएसए और प्रधानाचार्यों के छह सचल दस्ते बनाए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया है।
कोई बीमार तो किसी के घर में शादी
बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी लगते ही कई शिक्षक बीमार हो गए हैं। ड्यूटी चार्ट जारी होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कई शिक्षकों ने खुद को बीमार बताते हुए ड्यूटी हटाने की दरख्वास्त दी है। दरख्वास्त के साथ मेडिकल प्रपत्र भी लगाए हैं। कई शिक्षकों ने घर एवं परिवार में शादी होने के कारण ड्यूटी हटाने का आवेदन किया है। विभागीय स्तर पर आवेदनों की जांच शुरू हो गई है। जिनके घर एवं परिवार में शादी हैं उन्हें शादी के अंतराल में कुछ दिन परीक्षा ड्यूटी से राहत मिल जाएगी, लेकिन पूरी परीक्षा ड्यूटी नहीं हटाई जाएगी। जो लोग बीमार हैं मेडिकल बोर्ड की संस्तुति के बाद ही उन्हें ड्यूटी से राहत मिल पाएगी।