मीजल्स रुबेला (एमआर) टीके से शत प्रतिशत बच्चों को कवर करने के लिए नए सिरे से माइक्रो प्लान तैयार हो गया है। जिले में जिन ब्लाकों में 95 फीसदी टीकाकरण हो चुका है वहां की टीमें टीकाकरण से पिछड़े ब्लाकों एवं नगरीय क्षेत्र के जोन में मदद करेंगी। जिले का औसत टीकाकरण 95 फीसदी पूरा होने पर फिर आबादी क्षेत्रों में अभियान चलाया जाएगा।
जिले में 1196345 बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य है। इसकी शुरुआत स्कूलों, मदरसों और आंगनबाड़ी से की गई है। टीकाकरण के लिए ब्लाक एवं जोनवार टीमें बनी हैं। मुरादाबाद शहर को सात जोन में बांटा गया है। टीकाकरण की रफ्तार धीमी होने से मुरादाबाद प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों की सूची में है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने 31 जनवरी तक शत प्रतिशत टीकाकरण कराए जाने के आदेश दिए थे। शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग में नया प्लान तैयार किया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा के मुताबिक नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा कर्मियों की हड़ताल से टीकाकरण बाधित हुआ है। कुल लक्ष्य का स्कूलों एवं मदरसों में 95 फीसदी टीकाकरण कराया जाना है। इसके बाद ही आबादी क्षेत्र में टीकाकरण कराया जाएगा। डा. वर्मा ने बताया कि कई ब्लाकों में 95 फीसदी टीकाकरण पूरा हो चुका है। वहां की टीमों को पिछड़े ब्लाकों में टीकाकरण में लगाया जाएगा। टीकाकरण कराने में विवेकानंद नर्सिंग कालेज की 45 छात्राओं की मदद ली जा रही है। डिलारी ब्लाक की चार एएनएम को दूसरे ब्लाकों में लगाया गया है। मुरादाबाद शहर सबसे पिछड़ा है। अन्य ब्लाकों की टीमों को भी एक फरवरी से मुरादाबाद के जोन में लगाया जाएगा।