सरकारी सिस्टम के आगे मरीज ही नहीं अस्पताल प्रशासन भी लाचार हो गया है। अस्पतालों में दवाओं की खरीद के लिए एक करोड़ 19 लाख रुपये खातों में जमा है। अस्पताल प्रशासन की मजबूरी है कि वो ओपन मार्केट से दवाएं नहीं खरीद सकते हैं। बजट खर्च नहीं होने की स्थिति में मार्च में लैप्स हो जाएगा। उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कारपोरेशन से अस्पतालों की डिमांड के सापेक्ष दवाओं की सप्लाई नहीं हो रही है। इसके चलते अस्पतालों में दवाओं का संकट बरकरार है।
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई अब उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कारपोरेशन को सौंप दी गई है। अस्पतालों में दवाओं के लिए साल में तिमाही बजट जारी होता है। बजट की चौथी किस्त कारपोरेशन को जारी हो चुकी है। इससे पूर्व अस्पताल प्रशासन अनुबंधित कंपनियों से आनलाइन दवाओं की खरीद करते थे। 24 कंपनियां दवाओं की खरीद के लिए अधिकृत थी। बजट सीधे अस्पतालों को ही मिलता था। अस्पतालों को पूर्व में जारी तीन किस्तों का अभी भी एक करोड़ 19 लाख रुपये का बजट खातों में जमा है। इसमें एक करोड़ रुपये अकेले जिला अस्पताल के खाते में हैं। अस्पतालों की मजबूरी है कि कारपोरेशन के अस्तित्व में आने के बाद अस्पताल सीधे ओपन मार्केट एवं कंपनियों से दवाएं नहीं खरीद सकते हैं।
दवाओं के लिए अस्पतालों की निर्भरता कारपोरेशन पर हो गई है। जिले से जनवरी माह के लिए दवाओं की डिमांड कारपोरेशन को भेजी गई थी। कारपोरेशन डिमांड के सापेक्ष दवाओं की सप्लाई नहीं दे पाया है। एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) का सबसे अधिक संकट है। जनवरी में कारपोरेशन से एआरवी का एक भी वॉयल नहीं मिली है। सरकारी सिस्टम की मार मरीजों को झेलनी पड़ रही है। अधिकतर अस्पतालों में एआरवी के अलावा बेसिक दवाएं तक नहीं हैं।
बफर स्टॉक की रिजर्व दवाएं भी खत्म
अस्पतालों के औषधि भंडार में दवा का बफर स्टॉक रहता है। स्टॉक में निर्धारित संख्या में दवाएं रखनी अनिवार्य होती है। बफर स्टॉक में एआरवी की मारामारी है। जिला अस्पताल के बफर स्टॉक में एआरवी की 1200 वॉयल रिजर्व होनी चाहिए, लेकिन स्टॉक मात्र 500 वॉयल का बचा है। इसी तरह जिला औषधि भंडार में एआरवी का बफर स्टॉक 800 वॉयल का होना चाहिए, लेकिन स्टॉक में मात्र 200 वॉयल एआरवी है। इस महीने आखिर तक स्टॉक खत्म हो जाएगा। इसी तरह जिला अस्पताल के स्टॉक में 260 दवाएं और जिला औषधि भंडार में 164 दवाएं होनी चाहिए। दोनों ही भंडारों में दवाओं की संख्या काफी कम है।