एमजेपी रुहेलखंड से संबद्घ महाविद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए एक माह का समय होने को जा रहा है, लेकिन अभी तक कक्षाओं का संचालन नियमित नहीं हो सका है। शिक्षकों के कक्षाओं में न आने की शिकायत क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से की गई है। उन्होंने औचक निरीक्षण में शिक्षकों के अनुपस्थित पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
विश्वविद्यालय में 31 जुलाई को शैक्षिक सत्र 2018-19 की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। इसके बाद से कालेजों में पढ़ाई शुरू हो गई। कागजों में जहां पढ़ाई हो रही है, वहीं कक्षाओं में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है। दूसरे जनपदों से प्रतिदिन विद्यार्थी कालेज आते हैं, लेकिन शिक्षकों के न पहुंचने की वजह से उन्हें लौटना पड़ता है।
फेल होने पर है आक्रोश
इस बार मुख्य परीक्षा परिणाम में बीएससी में 61 फीसदी और एमएससी में 70 फीसदी विद्यार्थियों के फेल होने पर उनमें खासा आक्रोश है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नियमित पढ़ाई न होना है। इसके अलावा पुस्तकालय कार्ड न बने होने के कारण उन्हें किताब नहीं दी जा रही हैं। शिक्षक बिना किताब के विद्यार्थियों को विषय संबंधी कुछ भी समझाने को तैयार नहीं हैं। इस बार परेशानी से बचने के लिए विद्यार्थियों ने शिकायत का सहारा लिया है।
वर्जन...
शुक्रवार को मैंने कक्षाओं का औपचारिक निरीक्षण किया था। उस समय सभी कक्षाएं संचालित थीं, लेकिन अंग्रेजी विभाग के दो शिक्षक मौजूद नहीं थे। उन्हें मौखिक रूप से चेतावनी दी गई है। आगे ऐसा पाए जाने पर क्षेत्राधिकारी से लिखित शिकायत की जाएगी।
डॉ. केसी गुप्ता, प्राचार्य, हिंदू कालेज।
चार-पांच कालेजों की शिकायत मिली है। इसमें बिलारी के भी कुछ निजी कालेज हैं। कक्षाओं के संचालन की निगरानी करना प्राचार्य का काम है। शिक्षकों का दायित्व है कि वह प्रतिदिन समय सारिणी के अनुरूप कक्षाओं में जाएं। औचक निरीक्षण में यदि मुझे कोई शिक्षक अपनी कक्षा में नहीं मिलता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली।