मुरादाबाद। ई-रिक्शा चालकों ने शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। चालकों ने निगम द्वारा दिए गए रिक्शों को अब अवैध बताने पर नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप था कि निगम ने मुख्यमंत्री के आहवान पर पिछले दिनों पैर रिक्शा वालों को ई-रिक्शा का वितरण किया था।
ई-रिक्शा पर परिवहन विभाग और पुलिस कीे ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इनकी बहुत ज्यादा संख्या हो जाने के चलते महानगर का यातायात प्रभावित हो रहा है। शहर में इनकेकारण जगह-जगह जाम लगने की शिकायतें आती रहती हैं। पिछले दिनों ई-रिक्शा को मोटर व्हीकल एक्ट में शामिल किया गया। उसकेबाद पहले से बिना चेसिस नंबर के चल रहे सभी ई-रिक्शा अवैध हो गए। नगर निगम पर धरना प्रदर्शन कर शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के अध्यक्ष हाजी इकबाल ने अपर नगर आयुक्त को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से महानगर में पैर रिक्शा चलाने वालों को ई-रिक्शा दिए गए थे। उनसे वह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। अब सवाल उठता है कि निगम की ओर से ऐसे ई-रिक्शा क्यों दिए, जिनकी चेसिस नंबर नहीं थी। निगम अफसरों को अवैध ई-रिक्शा वापस लेकर चेसिस नंबर वाले वैध रिक्शा दिलाने चाहिए। अब गरीब रिक्शा वाला दो लाख रुपया कहां से लाए? अपर नगर आयुक्त एसपी श्रीवास्तव ने ज्ञापन को नगर आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवाने का भरोसा दिया। प्रदर्शन करने वालों में विक्रम सिंह, महावीर प्रसाद मौर्य, मनोज कुमार, अमर सिंह, साजिद, वकार अहमद और फरीद अकरम आदि रहे।