बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में कुंडली मारकर बैठे लिपिकों के पटल बदलने की कवायद शुरू हो गई है। तीन साल से एक ही पटल एवं कार्यालय में तैनात लिपिकों की फाइल तैयार हो गई है। इससे लिपिकों में खलबली मची है। कई लिपिक मनपसंद अनुभाग एवं कार्यालय में तैनाती के लिए उधेड़बुन भी करने लगे हैं। इसके लिए नेताओं से पैरवी करवाई जा रही है।
मुरादाबाद जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय में 15 लिपिक तैनात हैं। इनमें आठ लिपिक खंड शिक्षा अधिकारियों के ब्लाक कार्यालयों में हैं। लिपिकों के सालों से अनुभाग एवं कार्यालय नहीं बदले गए हैं। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को लिपिकों की मनमानी का शिकार होना पड़ता है। लिपिकों पर अक्सर आरोप लगते हैं फाइलों को दबा देते हैं। शिक्षकों से कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। इन्हीं शिकायतों पर शिक्षा निदेशालय ने अक्तूबर माह में लिपिकों के पटल एवं कार्यालय बदले जाने के आदेश जारी किए थे। दिसंबर आखिरी सप्ताह में सहायक शिक्षा निदेशक स्वराज भूषण ने बीएसए से तीन साल से अधिक समय से कोई भी लिपिक की एक पटल एवं कार्यालय में तैनाती नहीं होने का प्रमाण पत्र मांगा था। इसके बाद ही बीएसए कार्यालय में लिपिकों के पटल एवं कार्यालय बदले जाने की कवायद शुरू हो गई है।
बीएसए कार्यालय सूत्रों के मुताबिक बिलारी ब्लाक कार्यालय के लिपिक 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बिलारी ब्लाक के लिपिक को छोड़कर बाकी सभी लिपिकों के पटल एवं कार्यालय बदलने की फाइल तैयार हो गई है। लिपिकों में इससे खलबली मची है। पटल एवं कार्यालय बदलने के अभी बीएसए ने आदेश नहीं किए हैं, लिहाजा कई लिपिक मनपसंद कार्यालयों एवं अनुभागों में तैनाती के लिए नेताओं से पैरवी करवा रहे हैं।