निर्यात में दस फीसदी वृद्धि केबावजूद आयकर में कमी आई है। जबकि डालर की एक्सचेंज दर भी निर्यातकों के लिए लाभदायक रही है। यह खुलासा आयकर विभाग की ओर से सोमवार को आयोजित की गई संगोष्ठी में हुआ है। गोष्ठी में आगाह किया कि करदाता ईमानदारी से टैक्स जमा करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
आयकर भवन सभागार में सोमवार को आयोजित संगोष्ठी में प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल ने कहा कि अग्रिम कर की तीसरी किश्त 15 दिसंबर तक जमा करकेअतिरिक्त ब्याज के बोझ से बचें। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 2016-17 और 2017-18 में अग्रिम कर की अदायगी का प्रतिशत निरंतर बढ़ा है। 2016-17 में 88.5 फीसदी यानी कि 362.9 फीसदी राजस्व मिला था। जबकि पिछले साल 2017-18 में 24.4 फीसदी यानी कि 452.6 करोड़ का राजस्व मिला है। इस वित्तीय वर्ष में मार्च 2019 तक 556 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधान आयकर आयुक्त ने कहा कि इसके विपरीत2018-19 में तुलनात्मक रूप से आयकर में 3.29 फीसदी की वृद्धि हुई है। जो कि तुलनात्मक रूप से गिरावट दर्शाती है। जबकि विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचना और आंकड़ों केआधार पर देखा गया है कि शहर के निर्यात की दर में नवंबर तक 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। डालर की एक्सचेंज दर भी निर्यातकों के लिए लाभदायक रही है।
आयकर विभाग के आंकड़ों केअनुसार शराब के थोक और फुटकर विक्रेताओं की कर अदायगी में कमी आई है। जबकि विभिन्न विभागों की सूचना केआधार पर उनकी लाभ दर में वृद्धि हुई है। आयकर विभाग ने सभी विभागों से टैक्स चोरी करने वालों की गोपनीय सूचनाएं ले ली हैं। समय रहते चोरी करने वालों ने ईमानदारी से टैक्स अदा नहीं किया तो विभाग कार्रवाई को वाध्य होगा। संगोष्ठी में संयुक्त आयकर आयुक्त यदुवीर सिंह, दीपक बाबू सीए, पीयूष कांत, राजीव रस्तोगी एके सिंघल सहित प्रमुख वकील, सीए तथा उद्यमी उपस्थित थे।