शासन ने अब सभी प्रकार के पॉलिबैग पर रोक लगा दी है। ठेलों और दुकानों पर 50 ग्राम पॉलिबैग मिलने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। अब 50 माइक्रोन से ऊपर के केवल ब्रांडेड पॉलिबैग ही चलेंगे। सोमवार से नगर निगम की निगरानी टीमों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
शासन ने पॉलिथीन को तत्काल प्रचलन से बाहर करने के आदेश दिए हैं। इसकेचलते प्रशासन कड़ा रुख अपना रहा है। पॉलिथीन की धरपकड़ करने और जब्त कर जुर्माना लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान जगह - जगह टकराव की स्थिति बन रही है। जांच टीमों के पास पॉलिथीन की मोटाई मांगने के लिए अभी तक थिकनेस मीटर नहीं हैं। इसका फायदा उठाते हुए व्यापारी अपने पॉलिबैग को 50 माइक्रोन से मोटाई वाला बताते हैं, जबकि टीम को उसको पतला बताती है। अफसरों ने अब इसका समाधान निकाल लिया है। शासन के निर्देश पर सभी प्रकार के पॉलिबैग को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
50 माइक्रोन से ज्यादा मोटाई वाली पॉलिथीन की थैली केवल वहीं चलेंगी, जो ब्रांडेड होंगी। थैली पर 50 माइक्रोन से ज्यादा मोटी होने का आश्वासन कंपनी द्वारा दिया गया हो। इसकेसाथ ही कंपनी को अपना नाम, पता, मोबाइल व रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना अनिवार्य होगा।
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पॉलिथीन रोकने के अभियान को निगम, व्यापारी और आमजन सभी को मिलकर सफल बनाना है। अभियान के दौरान दुकानदारों को विवाद करने की जरूरत ही नहीं है। वह खुद परीक्षण कर लें। यदि पॉलिथीन ब्रांडेड के उक्त मानक पूरा करती है तो सही है, वरना उसका सरेंडर टीम को कर दें। जुर्माने चालान से बचने के लिए नगर निगम में आकर अपने पॉलिथीन स्टाक का सरेंडर कर सकते हैं। - अवनीश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त।