देहरादून के पास बुधवार दोपहर शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन खुले गेट से गुजर गई। गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन फाटक पर नहीं आया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस मामले में रेल अफसरों ने जांच कराने की बात की है।
खुले फाटक से ट्रेनों के गुजरने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को फिर शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन हादसा ग्रस्त होने से बाल बाल बच गई। दोपहर डेढ़ बजे शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन दिल्ली से देहरादून जा रही थी। ट्रेन डोलावाला फाटक से गुजर गई। चालक ने देखा कि फाटक खुला हुआ था। उसने इस मामले की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम में दी। फाटक खुले होने की जानकारी से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
मालगाड़ी के इंजन फेल होने से थम गए ट्रेनों के पहिये
मुरादाबाद। बुधवार दोपहर धमौरा के पास एक मालगाड़ी का इंजन फेल हो गया। चालक ने इसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम में दी। जिसकी वजह से तीन एक्सप्रेस ट्रेनें और तीन मालगाड़ियाें को जहां तहां रुकवा दिया गया। दूसरा इंजन मंगवाने के बाद मालगाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया। इसके बाद रोकी गईं हावड़ा से देहरादून जाने वाली दून एक्सप्रेस, कोलकाता से अमृतसर जाने वाली दुर्गियाना एक्सप्रेस और दानापुर से आनंद विहार जाने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस और तीन मालगाड़ी का संचालन शुरू किया गया।
26 घंटे बाद आई अमृतसर मेल, समर स्पेशल भी लेट
मुरादाबाद। ट्रेनों का संचालन बिगड़ गया है। चौबीस घंटे से भी ज्यादा देरी से ट्रेनें पहुंच रही हैं। अमृतसर मेल बुधवार को 26 घंटे देरी से मुरादाबाद पहुंची। हावड़ा से अमृतसर जाने वाली अमृतसर मेल के इंतजार में तमाम यात्री को दूसरी ट्रेनों में सवार होकर चले गए। डिब्रूगढ़ चंडीगढ़ एक्सप्रेस सोलह घंटे, लोहित एक्सप्रेस साढ़े बाइस घंटे, श्रमजीवी एक्सप्रेस 18 घंटे, आला हजरत एक्सप्रेस चार घंटे, गरीब नवाज एक्सप्रेस तेरह घंटे, जलियावालाबाग पांच घंटे बीस मिनट, डिब्रूगढ़ से दिल्ली जाने वाली समर स्पेशल 18 घंटे, जन साधारण एक्सप्रेस नौ घंटे, हरिद्वार से इलाहाबाद जाने वाली हरिद्वार पांच घंटे और अवध असम एक्सप्रेस बारह घंटे देरी से पहुंची।