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बैंकों को किसानों को नो टिस देने से रोकेगा प्रशासन

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फिलहाल किसानों को कर्ज का नोटिस नहीं भेजेंगे बैंक
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- कमिश्नर ने दिए जिलाधिकारियों को निर्देश, नोटिस रुकवाएं

अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी के लिए बजट जारी करने तक बैंक किसानों को कर्ज अदायगी का नोटिस नहीं भेजेंगे। कमिश्नर ने इस बाबत मंडल के पांचों जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने - अपने जिले में बैंक अफसरों के साथ बैठक कर नोटिस की प्रक्रिया रुकवा दें। सरकार कर्ज माफी का आदेश जारी कर चुकी है और जल्द इसके लिए बजट का प्राविधान किया जा रहा है। प्रदेश की योगी सरकार ने गठन के कुछ दिन बाद ही किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया था। किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषण सरकार कर चुकी है। लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी कर्ज माफी का आदेश अभी तक बैंकों में नहीं पहुंचा है। जिसकी वजह से किसानों में असमंजस की स्थिति है। कर्ज माफी के लिए किसान लगातार बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन बैंकों से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। बैंकों का तर्क है कि अभी तक उनके पास लोन माफी का कोई लिखित आदेश नहीं पहुंचा है। लोन माफी का आदेश नहीं पहुंचने की वजह से बैंकों ने बकाएदार किसानों को कर्ज अदायगी का नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। सरकार द्वारा लोन माफी की घोषणा करने के बाद भी बैंकों द्वारा नोटिस जारी किए जाने से किसानाें में गुस्सा है। प्रशासनिक अफसर किसानों में पनप रहे इस आक्रोश से अंजान नहीं हैं। मध्य प्रदेश की घटना से प्रशासन अलर्ट है। लिहाजा कमिश्नर एल वेंकटेश्वर लू ने मंडल के पांचों डीएम को निर्देश दिया है कि वह अपने - अपने जिले में बैंक अफसरों के साथ मीटिंग करें और उनसे कहें कि फिलहाल बकाएदार किसानों को नोटिस जारी नहीं किए जाएं। सरकार लोन माफी की घोषणा कर चुकी है और जल्द इसके लिए बजट भी जारी किया जा रहा है।
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