मुरादाबाद। चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद भी प्रत्याशी जनता के सामने अपने अपराधों का लेखा जोखा रखने को तैयार नहीं हैं। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशी अपने अपराधों का रिकार्ड अपनी पार्टी की वेबसाइट पर अपलोड कराने के साथ ही लोकसभा क्षेत्र की जनता को भी बताएंगे। इसके लिए सभी प्रत्याशियों को तीन - तीन बार अपराधों का विवरण समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से और इतनी ही बार इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से जनता को बताना होगा।
चुनाव आयोग ने यह भी हिदायत दी है कि प्रत्याशियों को यह विज्ञापन उस लोकसभा क्षेत्र में प्रमुखता से प्रसारित समाचार पत्रों में छपवाने होंगे जहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह इलेक्ट्रानिक मीडिया पर कम से कम नौ सेकेंड का वीडियो चलवाना होगा। लेकिन आयोग की सख्ती के बाद भी प्रत्याशी अपने अपराधों का राज जनता के सामने खोलना नहीं चाहते।
दावत का खर्च जुड़ेगा प्रत्याशी के खाते में
मुरादाबाद। प्रत्याशियों की सूची फाइनल होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार सिंह और दोनों प्रेक्षकों ने प्रत्याशियों के साथ बैठक की। जनसभाओं और प्रचार के संबंध में प्रत्याशियों को आयोग के नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया कि यदि कोई प्रत्याशी कहीं ब्याह - शादी या किसी अन्य दावत में जाता है और वहां अपना प्रचार करता है तो उस दावत का खर्च प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। बगैर अनुमति प्रचार सभा करने पर एफआईआर भी कराई जाएगी। साइकिल, रिक्शा, तांगे को भी वाहन के रूप में गिनकर उसका खर्च भी जोड़ा जाएगा।