पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में राज्य कर्मचारी दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। एस्मा के तहत प्रशासन की कार्यवाही की चेतावनी को दरकिनार कर राज्य कर्मचारी लोनिवि कार्यालय के सभागार में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। कर्मचारियों ने कहा कि शासन एवं प्रशासन की धमकियों से डरकर 12 फरवरी से पहले काम पर नहीं लौटेंगे।
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर प्रदेश भर में बुधवार से राज्य कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। पहले दिन कर्मचारियों ने जबरन कार्यालयों में तालाबंदी कराई। प्रशासन ने हड़ताली कर्मचारियों की विभागों से सूची तलब की। गुरुवार दूसरे दिन भी दर्जनों कर्मचारी अपने कार्यालयों में कामकाज छोड़कर लोनिवि कार्यालय के सभागार में एकत्र हुए। इनमें सर्वाधिक संख्या बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की रही। मंच के अध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा ने कर्मचारियों से आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन एवं प्रशासन कर्मचारियों को डरा धमका रहा है। एस्मा के तहत कार्यवाही करने एवं हड़ताली कर्मचारियों की सूची मांगकर हड़ताल स्थगित करने का प्रयास कर रहा है। सर्वेश शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा से पहले आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
मंच संयोजक श्रीकांत यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन की लड़ाई में सभी विभागों के कर्मचारी कूद गए हैं। इससे शासन एवं प्रशासन आंदोलन को खत्म करने का हाथकंड़े अपना रहा है। प्रशासन के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे। उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह, नीरज शर्मा, आसिफ हसन, देवेंद्र सिंह और एनके सैनी ने भी आरपार की लड़ाई का आह्वान किया। धरने पर राकेश कौशिक, अब्दुल फरीद, रेहाना परवीन, शहनाज अख्तर, रामेश्वर सिंह, मो अफजाल और अमित कुमार समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल हुए। अध्यक्षता डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार सैनी और संचालन इकमान अली ने किया।
बीएसए के स्कूलों में छापे, उनका ही कार्यालय खाली
मुरादाबाद। पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन से सरकारी कार्यालयों दूसरे दिन भी कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। कार्य बहिष्कार से सबसे अधिक स्कूलों में शिक्षक कार्य बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों में औचक छापामारी की। स्कूलों में कई शिक्षक अनुपस्थित मिले। बीएसए कार्यालय ने अनुपस्थित शिक्षकों की सूची जिला प्रशासन को जारी कर दी है। कार्य बहिष्कार में सर्वाधिक संख्या बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की है। बीएसए स्कूलों में छापामारी करने पहुंचे तो उनका खुद का कार्यालय खाली हो गया। कई कर्मचारी लोनिवि कार्यालय में धरने पर शामिल हो गए, जबकि कई कर्मचारी कार्यालय छोड़कर बाहर घूमने दिखे। लोनिवि कार्यालय में भी कामकाज ठप रहा। हालांकि, अन्य कार्यालयों में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं दिखा।