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खून - पसीने की कमाई छोड़कर कहां जाएं साहब

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मुरादाबाद।
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चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिरे मूढापांडे के 10 से अधिक गांवों के लोगों ने घर छोड़कर आश्रय गृहों में जाने से इंकार कर दिया है। बुधवार को प्रशासन ने इन ग्रामीणों के लिए भीतखेड़ा और हीरापुर में आश्रय गृह खोलकर इनके रहने खाने का बंदोबस्त किया था। ग्रामीण जान हथेली पर लेकर घरों पर डटे हैं। इनका कहना है कि खून - पसीने की कमाई छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। ग्रामीणों की जिद के आगे बेबस प्रशासन ने इनमें से छह गांवों में पीएसी के गोताखोरों को तैनात कर दिया है। पीएसी की नावों से स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर पशुओं का टीकाकरण और ग्रामीणों में दवाएं वितरित कराई गई हैं।
बाढ़ पर सिर्फ एडवाइजरी जारी करने तक सिमटे प्रशासन ने फजीहत के बाद बुधवार को आश्रय गृहों का इंतजाम किया। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रीति जायसवाल ने बताया कि चौतरफा बाढ़ से घिरे हरपाल नगर, रनियाढेर, गदईखेड़ा, हृदयपुर के ग्रामीणों से गांव छोड़कर भीतखेड़ा और हीरापुर में बनाए गए आश्रय गृहों में जाने के लिए कहा गया था। सभी ने घर छोड़ने को मना कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि वह अपना घर और पशुओं को छोड़कर कहीं कैसे जा सकते हैं। इन गांवों को जाने वाले रास्तों पर चार फीट से भी अधिक पानी है। गांव के सभी संपर्क मार्ग कट चुके हैं। प्रशासन के कहने पर भी ग्रामीण गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। एडीएम ने बताया कि पीएसी की टीम को कोसी की तरफ से इन गांवों में भेजा गया। पशु चिकित्सकों की टीम ने गांवों में वैक्सीनेशन किया है। गांव के अंदर पानी नहीं है। चारों तरफ पानी है। हालांकि जलस्तर घट रहा है। हृदयपुर में नदी कटान कर रही है। यहां 10 ग्रामीणों से मकान खाली कराकर स्कूल में उनका सामान रखवाया गया है। इस गांव में एक नायब तहसीलदार और पीएसी की टीम को लगाया गया है। गांव में लोग अपने मकानों को तोड़कर ईंट इकट्ठा कर रहे हैं। एडीएम ने बताया कि हृदयपुर को छोड़ अन्य किसी भी गांव में लोग आश्रय गृह में जाने को राजी नहीं हुए हैं। बिलारी के एक गांव के संपर्क मार्ग पर पानी आने की सूचना मिलते ही रात में पीएसी की टीम को नाव के साथ रवाना किया गया है। प्रशासन का कहना है कि ठाकुरद्वारा में पानी उतारा है। शहर में भी गुरुवार से उतरेगा। ठाकुरद्वारा में लगी टीमों को हटाकर मूंढापांडे क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है। एडीएम के मुताबिक शहर में रेलवे स्टेशन पर नगर निगम के आश्रय गृह को बाढ़ पीड़ितों के लिए चिन्हित किया गया है।
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चिंता की कोई बात नहीं है। ठाकुरद्वारा में बाढ़ का पानी उतर रहा है। शहर में रामगंगा का जलस्तर घट रहा है। गुरुवार तक स्थिति काफी हद तक सामान्य हो जाएगी। मूंढापांडे के करीब 10 गांवों बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से हरपाल नगर, गदईखेड़ा और रनियाढेर का संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुका है। इनके समेत छह गांवों में पीएसी के गोताखोर तैनात किए गए हैं। हृदयपुर गांव में कोसी के कटान की सूचना पर पीएसी और नायब तहसीलदार को कैंप कराया गया है। गांव और शहर में आश्रय गृह खोले गए हैं। जहां बाढ़ पीड़ितों के रहने और खाने का प्रबंध किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सीय टीमें नावों से भेजी गई हैं। पशु चिकित्सकों को भेजकर पशुओं का टीकाकरण कराया गया है। मकान गिरने से हो रही क्षति का हाथोंहाथ आंकलन हो रहा है। पानी उतरते ही फसलों के नुकसान का आंकलन होगा। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें गठित कर दी हैं। पानी उतरते ही टीमें भेजी जाएंगी। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में स्कूल बंद रहेंगे। - प्रीति जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व )/ प्रभारी बाढ़।
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