नगर निगम के टैक्स घोटाले को दबाए रखना अब अधिकारियों के लिए भी आसान नहीं है। फरवरी से मामले को दबाए बैठे अफसरों ने इस मामले पर रिपोर्ट तैयार करने की पहल शुरू कर दी है। अब अधिकारियों का प्रयास है कि बोर्ड बैठक से पहले इस घोटाले की रिपोर्ट तैयार कर ली जाए, जिससे बोर्ड में पार्षदों के विरोध का सामना न करना पड़े।
नगर निगम में दो घोटाले फरवरी में सामने आए थे। गृहकर व जलकर में 20 करोड़ 50 लाख रुपये का घोटाला पुष्ट साक्ष्यों के साथ सामने आने के बावजूद अधिकारियों ने सक्रियता नहीं दिखाई। नगर निगम की साफ्टवेयर कंपनी ने इसका रिकार्ड सौंप दिया था। इसके साथ ही सालाना कर निर्धारण में करीब 18 करोड़ के घपले की जांच आगे नहीं बढ़ पाई। दोनों मामलों की जांच टीम गठित होने के बावजूद मेयर को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। अमर उजाला के घपले का खुलासा करने के बाद से निगम के अफसरों में हड़कंप मचा है।
लेखा विभाग के अधिकारी टीएन मिश्रा के बीमार होने के बावजूद उनको बुधवार को बुलवा लिया गया। जांच अधिकारी उप नगर आयुक्त जगदीश यादव ने टीएन मिश्रा और सीकेएनए अवधेश कुमार के साथ दोपहर और शाम को दो बार बैठक की। इसके बाद निर्णय लिया गया कि बृहस्पतिवार को घपले की रिपोर्ट देने के लिए प्रारूप तैयार कर लिया जाए। जांच में देरी होने पर टीम पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं। जांच अधिकारी उप नगर आयुक्त जगदीश यादव ने बताया कि घोटाला होने की पुष्टि हो गई है। प्रभारी नगर आयुक्त से जानकारी ली गई है। वह जिस प्रारूप पर रिपोर्ट चाहते हैं, उसको बृहस्पतिवार को तैयार कर लिया जाएगा।