ट्रेजरी घोटाले में कुछ चेकों का भुगतान ओरिएंटल बैंक ऑफ इंडिया की बिलारी शाखा से होने की बात सामने आई है। लेकिन बैंक ने इन चेकों का भुगतान करने की बात नकार दी है। घोटाले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन का कहना है कि जिन चेकों का भुगतान हुआ है उन पर ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स की मुहर लगी है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मीशंकर सिंह का कहना है कि जिन बैंकों ने घोटाले की रकम का भुगतान किया है वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। बैंकाें ने बार - बार कहने के बावजूद भुगतान का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। ओरिएंटल बैंक ने भुगतान की बात ही नकार दी है। एडीएम का कहना है कि यदि बैंकों ने जांच में सहयोग नहीं किया तो घोटाले में उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी। एडीएम का कहना है कि घोटाले में कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी साबित हो चुकी है। इन सभी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। घोटाले के मास्टरमाइंड अरुण भटनागर व उसके परिवार के सदस्यों को पुलिस पकड़ने में नाकाम है। ट्रेजरी से इतने सालों तक फर्जी बिलों पर भुगतान करते रहे अधिकारियों और कर्मचारी तक भी अभी कार्रवाई की आंच नहीं पहुंची है। हालांकि अधिकारी खुद मानते हैं कि बिना सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के ट्रेजरी से सालों तक इस तरह रकम नहीं निकाली जा सकती।