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मुख्यमंत्री ने 17 मिनट में परखी स्वास्थ्य सेवाएं

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मुरादाबाद। सर्किट हाउस से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। रविवार दोपहर 11.40 बजे उन्होंने इमरजेंसी, सघन नवजात शिशु चिकित्सा उपचार इकाई (एसएनसीयू), कंगारू मदर केयर यूनिट का निरीक्षण किया। मरीजों से दवा, खाना और डॉक्टरों की उपलब्धता के बाबत बातचीत की। खास यह रहा कि बातचीत में किसी मरीज के पास आयुष्मान कार्ड नहीं मिला। जिला अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं को मुख्यमंत्री अपनी कसौटी पर परखकर सिर्फ 17 मिनट के बाद रवाना हो गए।
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जिला अस्पताल में कुछ घंटों पहले ही तैयार चमकती नई सड़क पर मुख्यमंत्री की गाड़ियों का काफिला पहुंचा। डीएम राकेश कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. विनीता अग्निहोत्री, सीएमएस डॉ. ज्योत्सना पंत, कल्पना सिंह और स्टाफ इमरजेंसी के गेट पर मौजूद थे। अफसरों ने फूल देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें इमरजेंसी ले जाया गया। यहां भर्ती लालपुर मैनाठेर के 63 वर्षीय शौकत अली, करूला निवासी 12 वर्षीय मो. जीशान, 23 वर्षीय साक्षी शर्मा, 65 वर्षीय अशर्फी बेगम से उन्होंने पूछा कि डॉक्टर समय पर आते हैं। दवा और खाना मुफ्त मिलता है। सकारात्मक जवाब सुनकर मुख्यमंत्री संतुष्ट होकर कंगारू मदर केयर यूनिट की तरफ बढ़े। फिर कुछ समझकर वह वापस आ गए।
महिला अस्पताल की सघन नवजात शिशु चिकित्सा उपचार इकाई (एसएनसीयू) में पहुंचे। स्टाफ से पूछा कि कितने बेड हैं। कितने नवजात भर्ती है। 12 नवजात बच्चों का इलाज होते हुए उन्होंने गेट पर से ही देखा। नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए सीएम ने खासतौर पर स्टाफ को हिदायत दी।
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सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे
मुख्यमंत्री ने सीएमएस डॉ. ज्योत्सना पंत से पूछा कि कितने बेड, कितने डॉक्टर हैं। 107 बेड और 200 से अधिक मरीजों के भर्ती होने जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। यह भी बताया गया कि न्यूरोलॉजिस्ट, कॉर्डियोलॉजिस्ट समेत सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है। सीएम ने सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी पूरा करने का आश्वासन दिया।

आयुष्मान कार्ड नहीं बने, खुली पोल
इमरजेंसी में तकरीबन सभी मरीजों से सीएम ने आयुष्मान कार्ड के बाबत पूछा। चिकित्सा सुविधाओं की पोल कुछ ऐसे खुली कि किसी भी मरीज के पास आयुष्मान कार्ड नहीं मिला। सीएम इस गड़बड़ी पर थोड़ा नाराज नजर आए।

महिला कर्मी बोली, सामान तो जमा हो जाएगा
इमरजेंसी में स्टाफ ने मुख्यमंत्री के आने से सिर्फ 15 मिनट पहले ही गमले रखे थे। ऐन मौके तक भगवा रंगरोगन जारी रहा। वार्ड ब्वाय कोनों में परफ्यूम छिड़कते नजर आए। एक महिला सफाई कर्मचारी ने बताया कि पहली बार दस्ताने, मास्क समेत पूरी वर्दी मिली है। निरीक्षण के बाद सब वापस ले लिया जाएगा।
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