मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी में चयन के डेढ़ साल बाद महानगर के विकास का 264 करोड़ का ब्लू प्रिंट जारी किया गया है। नगर आयुक्त संजय चौहान और प्राइवेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) के अफसरों के साथ प्रेसवार्ता करके 12 प्रोजेक्ट को मूर्त रूप में लाने की प्लानिंग पेश की।
नगर आयुक्त के मुताबिक पीलीकोठी चौराहा के पास नगर निगम की जमीन पर एक सेंट्रल कंट्रोल एंड कमांड सेंटर 598 स्क्वायर मीटर में विकसित किया जाएगा। पूरे शहर में 400 सीसी कैमरा लगाए जाएंगे। इस भवन की छत पर हेलीपैड भी बनेगा। हरथला, दिल्ली रोड, पीतल नगरी, डिप्टीगंज और ट्रांसपोर्टनगर में हवा और पानी की शुद्धता जांचने के लिए मॉनीटरिंग स्टेशन बनाएं जाएंगे।
इंट्रीगेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सभी मुख्य चौराहों का चौड़ीकरण होगा और अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। सॉलिड वेस्ट कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम के तहत तकनीक की मदद से कचरा प्रबंधन किया जाएगा। टैक्स संग्रह बढ़ाने के लिए जीआईएस मैपिंग होगी। भूमिगत जल को रिचार्ज करने के लिए सरकारी इमारतों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
शहर की इस तरह सुधरेगी सूरत
पब्लिक इंफार्मेशन सिस्टम के लिए चौराहों पर स्मार्ट डिजिटल बोर्ड लगेंगे। कलेक्ट्रेट, विकासभवन, नगर निगम, शिक्षा भवन, एसएसपी कार्यालय, एसपी सिटी कार्यालय समेत 12 इमारतों पर छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सोलर लाइट से ही यह भवन जगमगाएंगे। जंक्शन, चौराहों और व्यस्त बाजारों में सोलर लाइट लगेगी। सोलर बेस्ड वॉटर एटीएम, सोलर बेस्ड स्मार्ट टायलेट भी बनेंगे। पीतल कारोबार में लगे कारीगरों को आर्थिक मजबूती देने और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए रुद्राभिषेक कंपनी ने 101 कारीगरों के बीच सर्वे पूरा किया है।
इस तरह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट आगे बढ़ा
19 जनवरी 2018 में स्मार्ट सिटी में चयन होने के बाद 16 जून 2018 को स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीबी)का गठन हुआ। पीएमसी का चयन 6 मार्च 2019 को पूरा हुआ। स्मार्ट सिटी की कुल लागत 17 अरब 68 करोड़ रुपये है। मौजूद समय में पीएमसी ने इंसेप्शन रिपोर्ट तैयार कर ली है। जुलाई के अंत तक 12 प्रोजेक्ट की 264 करोड़ की डीपीआर को एसपीवी से अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।