मुरादाबाद। ‘नमामि गंगे योजना’ की प्रगति परखने के लिए प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह रामगंगा नदी के तट पर पहुंचे। यहां नालों से गिरते गंदे पानी को देखकर उन्होंने अफसरों से पूछा - सीवर के पानी को उपचारित करके नदी में पहुंचाने में अभी कितना समय लगेगा। ऐसे तो नदी में सिर्फ सीवर का पानी नजर आएगा। जलनिगम और नगर निगम के अफसर भी प्रमुख सचिव के साथ मौजूद थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि शहर के 14 नालों को डायवर्ट करके 58 एमएलडी क्षमता के एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) तक लाकर शोधन क्रिया के बाद ही पानी रामगंगा नदी में पहुंचाया जाएगा।
जलनिगम शहर में सीवर की लाइन बिछाने का काम तेजी से कर रहा है। मौजूदा समय में रामगंगा नदी में करीब 14 नालों का गंदा पानी बिना शोधन क्रिया के सीधे गिरता है। इसकी वजह से नदी में साफ पानी नहीं बचा है। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह दोपहर करीब दो बजे रामगंगा नदी के रामगंगा पुल के पास वाले छोर पर पहुंचे। नगर आयुक्त संजय चौहान, जलकल महाप्रबंधक प्रमोद कुमार गुप्ता, जलनिगम के एक्सईएन एके त्यागी समेत अधिकारी मौजूद थे।
गंदे पानी को नाले से गिरते देखकर प्रमुख सचिव ने पूछा - नालों को एसटीपी तक डायवर्ट करने के लिए क्या प्लानिंग है। जलनिगम के एक्सईएन एके त्यागी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट तयशुदा समय से लेट हुआ है। अब सभी चौदह नालों के गंदे पानी को एसटीपी तक डायवर्ट करने का काम दिसंबर तक पूरा हो सकेगा। इसके बाद 58 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में गंदा पानी उपचारित होने के बाद ही रामगंगा में गिरेगा।