मुरादाबाद। वार्ड नंबर पांच में मोरा की मिलक की पांच हजार की आबादी तक नगर निगम की जलापूर्ति नहीं पहुंची है। साफ पानी के लिए यहां लोगों को रोजमर्रा में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जबकि पूरे शहर की आबादी तक पानी की आपूर्ति पहुंचाने का जिम्मा है जलकल विभाग का। यहां दो साल पहले नलकूप निर्माण कराया जा चुका है। पानी की लाइन बिछाने का जलकल विभाग से तीन बार टेंडर हो चुका है। कागजों पर होने वाले तमाम प्रयासों में भले ही लोगों की प्यास बुझती नजर आती हो, लेकिन यहां लोगों को साफ पानी के लिए थोड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। मौजूदा समय में अधिकांश घर सबमर्सिबल की बोरिंग या हैंडपाइप पर ही निर्भर हैं।
सभासद सुदेश के मुताबिक लोगों की समस्या को देखते हुए दो बार उन्होंने महाप्रबंधक (जलकल) से पानी की लाइन बिछाने के लिए कहा था। इसके प्रस्ताव भी लगवाए गए। करीब दो साल पहले जलकल विभाग ने नलकूप का निर्माण भी कराया। इससे पानी की लाइनें बिछाने की आस जगी। लेकिन इतना वक्त बितने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
लोगों की बातचीत :
चुनाव के वक्त जो लोग वोट मांगने आए थे। उन्होंने यहां पाइप लाइन बिछाने का वादा भी किया था। लेकिन पानी की लाइनें नहीं बिछाई जा सकी है। - दिलबरी
हैंडपाइप, बोरिंग के पानी से काम चलता है। निगम की आपूर्ति होती तो दिक्कत नहीं होती। नगर निगम में भी यहां के लोग पहुंच चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। - दिलजहां
एक नलकूप दो साल पहले बना था। तब लगा था कि घरों में आपूर्ति का पानी भी पहुंचेगा। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। लोग हैंडपाइप से ही पानी लाते हैं। - राम किशन सैनी
गर्मी के मौसम में यहां पानी का स्तर नीचे गया था। तब पानी की दिक्कत होने लगी थी। अब बारिश होगी तो स्थिति ठीक हो जाएगी। लेकिन निगम की आपूर्ति तो आनी ही चाहिए। - अर्जुन सैनी