मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद नगर निगम ने पालीथिन निर्माताओं के खिलाफ अभियान छेड़ा है। बुधवार सुबह कोठीवाल नगर में रिहायशी इलाके में एक फैक्ट्री पर छापामारी की गई। यहां काम करने वाली लेबर निगम के अफसरों को देखकर भाग खड़ी हुई। फैक्ट्री में प्लास्टिक के आइटम बनाने की मशीनें लगी मिली। मकान को गोदाम बनाया गया था। रिहायशी इलाके में ही गुपचुप तरीके से निर्माण जारी था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर भी साथ में थे। पालीथिन के नमूने भी भरे गए। यहां फैक्ट्री और गोदाम सील कराए गए। लोकोशेड पुल के नीचे चंद्रनगर में भी पालीथिन निर्माता की फैक्ट्री और गोदाम सील करने की कार्रवाई की गई।
कोठीवाल नगर में सुबह साढ़े दस बजे पहुंची टीम को रिहायशी इलाके में पालीथिन के आइटम बनाता हुआ मिला। अफसरों को देखकर लेबर फैक्ट्री से गायब हो गए। कर निर्धारण अधिकारी राजवीर सिंह के मुताबिक यहां भाटिया की फैक्ट्री पर टीम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ पहुंची थी। छानबीन और नमूने भरने के बाद फैक्ट्री और गोदाम को सील किया गया। बताया गया कि बना हुआ सामान बरेली, शाहजहांपुर तक सप्लाई होता था।
छापामारी की सूचना लीक, मिला ताला
दोपहर में टीम लोकोशेड पुल के नीचे चंद्रनगर में जयवीर शर्मा की फैक्ट्री और गोदाम पर छापामारी की गई। यहां निगम की टीम की छापामारी की सूचना पहले ही लीक हो चुकी थी। फैक्ट्री के मालिक ने उत्पादन रोककर लेबर हटा दी और ताला डाल दिया था। निगम के अफसरों ने ताले खुलवाकर सामान जांचा। यहां बरसाती बनाने, प्लास्टिक के पालीबैग बनाने का काम होता था। इस परिसर को भी सील किया गया।
विधायकों तक पहुंची सिफारिश
छापामारी से बचने के लिए लोग विधायकों और अफसरों को फोन करके सिफारिश लगाते रहे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने दस-दस बैग जब्त करके नमूनों को जांच के लिए भेजा है।
हमारी फैक्ट्री में प्रतिबंधित आइटम नहीं बनते
फैक्ट्री के मालिक नगर आयुक्त के पास शाम को पहुंचे। उनका कहना था कि प्लास्टिक से निर्मित होकर सिर्फ एक बार उपयोग होने वाले आइटम प्रतिबंधित हैं। उनकी फैक्ट्री में ऐसे आइटम नहीं बनते हैं।
दो फैक्ट्री पर छापामारी हुई है। उन्हें सील किया है। फैक्ट्री मालिकों का पक्ष है कि प्रतिबंधित आइटम नहीं बना रहे थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद जुर्माना की कार्रवाई होगी। - संजय चौहान, नगर आयुक्त