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मौसम के मिजाज ने बिगाड़ी लोगों की सेहत

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मुरादाबाद। मौसम के मिजाज के साथ लोगों की सेहत भी बिगड़ने लगी है। दोपहर की चिलचिलाती धूप और रात की ठंड से लोग बीमार पड़ने लगे हैं। आधी रात के बाद कूलर की ठंडी हवा छाती जकड़ रही है। बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग वायरल बुखार, सर्दी जुकाम, एलर्जी और डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। जिला एवं निजी अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से भरी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की तादात ढाई हजार छू गई है। आईपीडी भी फुल है।
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विगत रविवार से मौसम ने करवट बदली है। दोपहर में धूप और उमस तो रात में ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. प्रवीण शाह के मुताबिक उमस भरी गर्मी में पसीना बहने से डिहाइड्रेशन, बासी भोजन एवं गंदे पानी पीने से डायरिया के मरीज बढ़े गए हैं। रात में तापमान गिर रहा है। अधिकतर लोग कूलर और पंखे चलाकर गहरी नींद सो जाते हैं। नींद में ठंड का एहसास नहीं होता है। लेकिन कूलर की हवा छाती जकड़ रही है। दोपहर की गर्मी से बचने के लिए लोग कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी पी रहे हैं। इससे भी गला और छाती जकड़ रही है। सर्दी जुकाम और खांसी की शिकायत होने लगी है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसके सक्सेना के मुताबिक बच्चों में डायरिया, वायरल बुखार और सर्दी की सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ओपीडी में 70 फीसदी बच्चे इन्हीं से पीड़ित पहुंच रहे हैं। वायरल और डायरिया से पस्त बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. जेएल ममगाई बताते हैं, बदले मौसम में एहतियात बरतने की जरूरत है। पसीने से एलर्जी और फोड़े फुंसी की आम समस्या है। खुजलाने पर घाव बन रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ा है। ओपीडी ढाई हजार तक पहुंच गई है। अमूमन पिछले सप्ताह तक दो हजार मरीजों की ओपीडी चल रही थी। आईपीडी भी 220 पहुंच गई है, जो कि अस्पताल की बेड क्षमता से अधिक है।
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ओपीडी पर्चे के लिए मारामारी
ओपीडी में भीड़ उमड़ने से पर्चा बनवाने में मशक्कत करनी पड़ रही है। बुधवार को पर्चा बनवाने लाइन में लगे मरीजों में कहासुनी तक हो गई। एक-दूसरे पर लाइन तोड़कर आगे जाने के आरोप लगाए।
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