मुरादाबाद। सितंबर माह से मुरादाबाद रेल मंडल की दस पैसेंजर ट्रेनें रद्द हैं। इन ट्रेनों के निरस्त होने से सबसे ज्यादा परेशानियां दैनिक यात्री, शहर कस्बों में मेहनत मजदूरी करने वाले लोग और निजी व सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को उठानी पड़ रही हैं। अब रेलवे ने लंबी दूरी की 50 से ज्यादा ट्रेनें रद़्द कर दी हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की दुश्वारियां और बढ़ा दीं। जून माह होने के कारण यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा और रेलवे लगातार ट्रेनों की संख्या घटा रहा है। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि रेल पटरियों पर मरम्मत कार्य के लिए ट्रेनों को रद्द किया गया है।
ग्यारह घंटे देरी से आई एक्सप्रेस
मुरादाबाद। महीनों से ट्रेनें विलंब से चल रही है। रेलवे ट्रेनों को समय से नहीं दौड़ाने में फेल साबित हो रहा है। मंगलवार को न्यू जलपाईगुड़ी उदय पुर एक्सप्रेस दस घंटे देरी से आई। अवध असम एक्सप्रेस भी पांच घंटे विलंब से मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची। समर स्पेशल ट्रेन को आठ घंटे लेट आई है। तमाम गाड़ियां रद्द है। ट्रैक खाली होने के बावजूद भी ट्रेनें लेट चल रही हैं।
पानी के लिए मारामारी
मुरादाबाद। ट्रेनों में एसी खराब हैं। पंखों की पंखड़ियां घूम नहीं पा रही है। ऊपर से ट्रेनों के टायलेट गंदे पड़े हैं। पानी के लिए यात्रियों में मारामारी है। ट्रेनों में पानी तक लोड नहीं किया जा रहा है। मंगलवार दोपहर ढाई बजे कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन एक नंबर प्लेट फार्म पर रुकी। ट्रेन रुकते ही यात्री बोतलों में पानी भरने के लिए टूट पड़े।
रेलवे को जल्द पटरियों की मरम्मत करनी चाहिए। ताकी ट्रेनों का संचालन समय से किया जा सके।
संजीव गुप्ता, यात्री
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ट्रैक मरम्मत होना भी जरूरती है। इस लिए जनता को भी रेलवे का सहयोग करना चाहिए।
बरखा यात्री
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ट्रेनों की लेट लतीफी से यात्री परेशान है। रेलवे को मालगाड़ियों की संख्या कम कर यात्री गाड़ियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए
मंजीत यात्री
ट्रेनों में बहुत गंदगी रहती है। रेलवे को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
रश्मि
कोहरे के वक्त ट्रेनों को रद्द किया जाता है। रेलवे को उस समय ज्यादा से ज्यादा पटरियों की मरम्मत करनी चाहिए।
दलजीत कौर