मुरादाबाद। भले ही स्मार्ट सिटी की पहली दौड़ में मुरादाबाद पिछड़ा गया हो पर स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने के बाद अब नए सिरे से मशक्कत शुरू हो गई है। 250 करोड़ रुपये खर्च कर डीपीआर तैयार होगी जिसमें शहर के विकास के लिए स्मार्ट प्लान तैयार किया जाएगा। नगर आयुक्त संजय चौहान ने दिल्ली रोड स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में प्रोजेक्ट की समीक्षा की और कहा कि इसे जुलाई तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
मंगलवार को आयोजित इस बैठक में ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ई-वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, सड़कों और चौराहों के सौंदर्यीकरण समेत कई बिंदुओं पर तैयार हुई प्लानिंग पर समीक्षा के बाद नगर आयुक्त संजय चौहान ने सुझाव दिए। अब फेरबदल के बाद जुलाई के अंत तक 250 करोड़ लागत की योजनाओं की डीपीआर अंतिम रूप लेगी। पीएससी रुद्राभिषेक प्राइवेट लि. के अफसरों ने महानगर के सर्वे का 70 फीसदी काम पूरा किया है। शहर में बदलाव की प्लानिंग में सबसे पहले उन्हीं प्रोजेक्ट पर काम होगा जो धरातल पर तत्काल नजर आएगा। मसलन सड़क, फुटपाथ, पार्क और चौराहों के सौंदर्यीकरण के जरिए शहर की सूरत संवारने की कोशिश होगी।
एक अरब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खातों में आए
स्मार्ट सिटी का कुल 22.86 अरब के प्रोजेक्ट में शासन की तरफ से दो किस्तों में एक अरब रुपये स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खातों में आ भी चुके हैं। अफसरों के मुताबिक प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग कर रही कमेटी एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) के सीईओ और कमिश्नर की अंतिम मंजूरी के बाद शहर डेवलेपमेंट के काम शुरू करा दिए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की 250 करोड़ की डीपीआर की समीक्षा की गई है। जुलाई तक मंजूरी के बाद काम शुरू होंगे। - संजय चौहान, नगर आयुक्त