मुरादाबाद। लैब टेक्नीशियन और सेवानिवृत्त एएनएम का अतिरिक्त कार्य सौंपने के विरोध एवं समान पद समान वेतन की मांग के समर्थन में गुरुवार को मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की मंडलीय बैठक आयोजित हुई। संघ पदाधिकारियों ने कर्मचारियों के मानसिक उत्पीड़न एवं पदोन्नति के लिए प्रदेश स्तरीय मानक निर्धारित करने के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। संघ अध्यक्ष लीला सुगड़ा ने कहा कि 16 जून को महानिदेशक कार्यालय में प्रदेश स्तरीय बैठक होगी और आंदोलन की रणनीति तैयार कर एलटी कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
जिला अस्पताल में आयोजित बैठक में संघ की जिलाध्यक्ष लीला सुगड़ा ने कहा कि एएनएम का शासन स्तर पर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। समान पद पर अलग-अलग ग्रेड पे दिया जा रहा है। एएनएम के पूरे कार्यकाल में तीन पदोन्नति का प्रावधान था। सीएमओ स्तर पर पदोन्नति नहीं हुई और कई एएनएम सेवानिवृत्त भी हो गईं। सरकार ने अब पदोन्नति को जिला स्तर के बजाए प्रदेश स्तरीय वरिष्ठता क्रम के आधार पर कर दिया है। इससे एएनएम की पदोन्नति की उम्मीद कम हो जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि एएनएम पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मुरादाबाद जिले में मात्र 75 सरकारी एएनएम रह गई हैं। शहरी क्षेत्र में 100 और ग्रामीण इलाकों में 35 संविदा एएनएम की तैनाती की गई। एएनएम पर अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ा है। लैब टेक्नीशियन (एलटी) का काम भी सौंप दिया है। पांच हजार की आबादी में एक सेंटर है। गर्भवती महिलाओं की जांच करने के लिए एएनएम को गांवों में घर घर जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं की जांचें घर पर जाकर करने का बहिष्कार किया जाएगा। सेंटर पर जांचें कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई जाए। अध्यक्ष लीला सुगड़ा ने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रांतीय अध्यक्ष मीरा पासवान को सम्मेलन में पहुंचना था। ट्रेन लेट होने के कारण प्रांतीय अध्यक्ष नहीं पहुंच पाई। 16 जून को महानिदेशक कार्यालय में संघ की बैठक होगी। इसमें सभी जिलों से संघ के अध्यक्ष एवं मंत्री शामिल होंगे और आंदोलन की रणनीति बनेगी। सम्मेलन में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप बडोला, मंत्री हेमंत चौधरी, संघ की मंत्री रीना राही, शिशुपाल सिंह, चंद्रशेखर शर्मा, विनय चौहान, माया देवी, मंजू, रचना और इंद्रेश चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे।