चंदौसी। अमर उजाला के अभियान के बाद जिला प्रशासन सख्ती के साथ सोत नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में बढ़ा है। मुख्य विकास अधिकारी समेत कई अधिकारी चिलचिलाती धूप के बीच धनेटा सोतीपुरा गांव पहुंचे। सोत नदी का सीमांकन किया गया। करीब दो सौ अनाधिकृत कब्जेदारों को बेदखल किया गया। जिससे नदी कब्जाने वालों में खलबली मच रही।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह सोत नदी को पुनर्जीवित करने के काफी सख्त हैं। लेखपालों की टीमें तीथिवार तय किए गए सीमांकन कार्यक्रम के तहत लगातार सीमांकन कार्य में जुटी हैं। चंदौसी तहसील क्षेत्र के पंवासा विकास खंड में आने वाले धनेटा सोतीपुरा और पुरा गांव में अभियान चलाया गया। मुख्य विकास अधिकारी उमेश कुमार त्यागी, एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित, तहसीलदार चंदौसी श्रवण कुमार, राजस्व निरीक्षक ज्ञानेंद्र कु मार, राजेंद्र कुमार सिंह, सतेंद्र कुमार आदि लेखपालों की टीम ने जेसीबी मशीन लेकर पहुंची।
यहां पर करीब दो किलो मीटर की परिधि में सीमांकन कार्य किया गया। नदी क्षेत्र की सीमा रेखा खींच दी गई। सीमा रेखा पर जेसीबी से खुदाई कर दी गई। उसके अंदर जो भी फसलें, खेत खलिहान है सभी को अतिक्रमण घोषित कर दिया गया। उप जिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को करीब दो सौ लोगों को बेदखल किया गया। जिससे कुछ लोग तो तत्काल ही अपनी फसलों को काटकर ले जाना शुरू कर दिया है।
कुछ लोगों ने दो दिन के अंदर फसलें काटकर नदी की जमीन को खाली करने की मोहलत मांगी है। जिससे दिनभर लोगों में खलबली मची रही। लंबे समय से लोग नदी की जमीन पर काबिज होकर फसलोत्पादन कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस मामले में किसी के साथ भी कोई रियायत नहीं की जाएगी। यदि जमीन को खाली नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उसे जेल भिजवाया जाएगा।