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एक पैथोलाजिस्ट के भरोसे मैटरनिटी अस्पताल

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मुरादाबाद। मंडल मुख्यालय मुरादाबाद में सरकारी चिकित्सा सुविधाएं बदहाल हैं। महिलाओं के इलाज के लिए खोला गया 100 बेड मैटरनिटी अस्पताल सफेद हाथी बन गया है। अस्पताल में न तो डाक्टर हैं और न ही चिकित्सा सुविधाएं शुरू हो सकी हैं। एक पैथोलॉजिस्ट के भरोसे अस्पताल की ओपीडी चलाई जा रही है। कागजों में दो बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती जरूरी है, लेकिन ओपीडी में एक भी डाक्टर नहीं बैठता है। आईपीडी और रेडियोलॉजी विभाग अभी तक शुरू नहीं हुआ है। महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से महिला मरीजों को वापस लौटना पड़ता है।
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महिला अस्पताल में मरीजों का दबाव कम करने के लिए ही मंडल स्तरीय 100 बेड मैटरनिटी अस्पताल बना है। मैटरनिटी अस्पताल में 18 डाक्टरों, 27 नर्सिंग स्टाफ और सात लैब टेक्नीशियन के पद स्वीकृत हैं। एक मार्च 2019 को कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए आनन-फानन में अस्पताल की ओपीडी शुरू करवा दी गई। लेकिन डाक्टरों की तैनाती अब तक नहीं हो सकी। अस्पताल एक स्वतंत्र इकाई है। लेकिन महिला अस्पताल की सीएमएस डा. कल्पना सिंह के अधीन इसका संचालन हो रहा है।
सीएमएस डा. कल्पना सिंह बताती हैं कि दो बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। इनमें एक लंबी छुट्टी पर हैं, जबकि दूसरे डाक्टर महिला अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी देखती हैं। मैटरनिटी अस्पताल की ओपीडी पैथोलॉजिस्ट अभिवंदना चला रही हैं। अस्पताल में नर्सिंग और टेक्नीशियन स्टाफ तैनात है। डाक्टर की तैनाती नहीं होने, आईपीडी और रेडियोलॉजी शुरू नहीं होने से नर्सिंग स्टाफ को भी महिला अस्पताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूरदराज से आने वाले मरीजों को महिला अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी में भर्ती किया जा रहा है।
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चार महीने में मात्र 2200 पंजीकरण
मैटरनिटी अस्पताल में डाक्टरों की तैनाती और आईपीडी शुरू नहीं होने से चार महीनों में मात्र 2200 मरीजों का पंजीकरण हुआ है। मरीज भूले भटके अस्पताल पहुंचते हैं। डाक्टर नहीं होने से निराश वापस लौटते हैं।

शो पीस बने हैं चिकित्सा उपकरण
मैटरनिटी अस्पताल में चिकित्सा उपकरण हैं। रेडियोलॉजी विभाग की मशीनें धूल खा रही हैं। इमरजेंसी और आईपीडी के लिए बेड के कवर तक नहीं उतरे हैं। अधिकतर बेड अस्पताल परिसर में ही इधर-उधर पैक पड़े हैं।

- मैटरनिटी अस्पताल में जब तक डाक्टरों की तैनाती नहीं होगी, मशीनों और बिल्डिंग से मरीजों को किसी तरह का फायदा नहीं मिलने वाला है।
- डा. कल्पना सिंह, सीएमएस

इतने पद स्वीकृत
मैटरनिटी अस्पताल के लिए छह ईएमओ, तीन एनेस्थेटिक्स, तीन बाल रोग विशेषज्ञ, तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक पैथोलाजिस्ट और एक एमएस के पद स्वीकृत हैं। मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ और एक पैथोलॉलिस्ट की तैनाती हुई है।
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