मुरादाबाद। मई के अंतिम दिनों में शुरू हुआ पारे का कहर जून के शुरुआती दिनों में भी जारी है। सुबह से ही आसमान से आग बरसने लगती है। रात में तापमान बढ़ने की वजह से गर्मी से निजात नहीं मिलती है। इंसान नही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी सभी व्याकुल हैं। शनिवार को तापमान में गिरावट तो दर्ज की गई, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी 24 घंटे तक राहत के आसार नहीं है।
प्रतिदिन धूप की तल्खी बढ़ती जा रही है। दस बजते-बजते धूप में निकलना दूभर होता है। गर्म हवाओं के थपेड़े बेहाल कर रहे हैं। दोपहर में गली-मोहल्लों में सन्नाटा पसरने लगता है। हाथ और चेहरे को कपड़े से ढकने के बावजूद त्वचा झुलसी हुई महसूस होती है। सड़क किनारे शीतल पेय पदार्थों के ठेलों की लाइनें लग रही हैं। मौसमी फलों की भी भरमार है। गन्ने और आम के रस के अलावा बेल का शर्बत पीकर लोग गर्मी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में .2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी दिशा से हवा चल रही थी, जो शनिवार को 15 से 20 किलोमीटर की गति से पश्चिमी दिशा से चलने लगी। वहीं शुक्रवार की अपेक्षा वातावरण में नमी की बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को सुबह की 41 प्रतिशत और शाम की 32 प्रतिशत के बजाय शनिवार को 54 प्रतिशत और शाम को 46 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई। वहीं अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाह ने बताया कि वातावरण में नमी आ रही है। इसकी वजह से धीरे-धीरे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन इसका असर दो-तीन दिन बाद दिखाई देगा। 24 घंटे तक मौसम में गर्मी बनी रहेगी। उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर का प्रभाव सक्रिय होगा। आंधी आने के अलावा बादल बनेंगे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है।