मुरादाबाद। रहमतों की बारिश वाले माहे रमजान के तीसरे अशरे के आखिरी जुमे पर शहर और देहात की सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। अलविदा जुमा की नमाज के दौरान जामा मस्जिद समेत शहर की सभी मस्जिदों में हजारों रोजेदार शामिल हुए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जामा मस्जिद के बाहर नमाज के इंतजाम किए गए थे। रमजान मुबारक की विदाई पर शहर काजी ने खुतबा पढ़ाने के साथ ही तकरीर भी की। देश की सलामती की दुआ भी पढ़ी गई।
आखिरी जुमे पर ज्यादातर घरों में इफ्तार तैयार कर बांटने की तैयारी चलती रही। कई मस्जिदों में भी इफ्तार का इंतजाम किया गया था। मस्जिदों की छतों पर चटाई और दरी बिछाई गई थी। मस्जिदों के बाहर टेंट लगवा दिए गए। आखिरी जुमा के साथ ही ईद का इंतजार लोगों को है।
तीन किमी पहले रोक दिए नमाजी
प्रशासन की अव्यवस्था से नमाजियों में गुस्सा नजर आया। रामपुर एंड की तरफ से आने वाले नमाजियों को पुल के उस पार तीन किमी पहले ही रोक दिया गया था। उन्हें चिलचिलाती धूप में पैदल ही आना पड़ा। कई नमाजियों ने वही दरी बिछाकर नमाज अदा की।
मेटल डिटेक्टर से गुजरे रोजेदार
अलविदा को छोटी ईद भी माना जाता है। पुराने शहर व मिलीजुली आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम किए गए। जामा मस्जिद पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया था। जांचने के बाद ही लोगों को अंदर गुजारा जा रहा था। छतों पर दूरबीन लेकर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
गंदा पानी सड़क पर, नमाजियों को हुई दिक्कत
नियारियो के मोहल्ले में नमाजियों को चोक नालियों से उफनाए गंदे पानी से होकर गुजरना मजबूरी बन गया। यहां नालियों की सफाई ठीक से नहीं हुई थी। नतीजा यह हुआ कि छोटी ईद पर ही गंदे पानी का ओवर फ्लो हो गया। गंदा पानी सड़क पर बहने लगा।
इबादत के मुकद्दस मुकाम को मोबाइल पर किया कैद
चिलचिलाती धूप में गर्मी से बचने के लिए जामा मस्जिद पर रोजेदार जतन करते रहे। बच्चों का उत्साह उन्हें जामा मस्जिद पर खींच लाया। रंग बिरंगे छातों के बीच वालिद बच्चों को संभालते नजर आए। मैदान में कपड़ा बांधकर छोटे बच्चे नमाज अदा करते दिखे। घरों की छतों से महिलाएं इबादत के मुकद्दस मुकाम को मोबाइल में कैद करती नजर आई।