मुरादाबाद। दिल्ली लखनऊ हाईवे किनारे बसे गिन्नौर दी माफी गांव में नहर लुप्त हो गई। गांगन नदी से निकलने वाली ये नहर दर्जनों गांवों से होकर गुजरती थी। जिससे किसान अपने खेतों की सिंचाई किया करते थे। वर्षों से इस नहर में पानी नहीं आया। जिस कारण धीरे धीरे नहर की जमीन पर कब्जा हो गया। नहर नाले में तब्दील हुई और नाले को पाटकर लोगों ने मकान खड़े कर लिए। इसके अलावा गांव के दोनों तालाब सूख चुके हैं। जिसमें बारिश होने पर तो पानी आ जाता है। इसके अलावा तालाब में एक बूंद तक दिखाई नहीं देती। धीरे धीरे जल स्रोत गायब हो गए। किसान पहले कुुआं के जरिये सिंचाई किया करते थे, लेकिन अब कुएं भी बंद हो गए। पंपिंग सेट के जरिये ही सिंचाई हो रही है। लगातार जलस्तर गिरता जा रहा है। किसानों का कहना है कि पांच साल पहले से तुलना करें तो पंपिंग सेट में भी अब आधा ही पानी आ पा रहा है। तालाब और नहर में लोग अपने पशुओं को नहलाने ले जाते थे, लेकिन अब तालाब में पानी नहीं है। जिस कारण हैंडपंप और सबमर्सिबल पर ही पशुओं को नहलाने को मजबूर हैं।
पहले गड्ढे खोदकर खेतों की सिंचाई की जाती थी। ये बात 1957 के आस पास की है। इसके बाद कुएं बन गए हैं। जिसके जरिये सिंचाई की जाती थी। पशुओं को इन कुएं पर पानी पिला या जाता था और यहां ही नहलाए जाते थे। लेकिन कुछ वर्षों में कुएं भी बंद हो गए। अब पंपिंग सेट के जरिये ही सिंचाई की जाती है। गांव से निकलने वाली नहर भी अब लुप्त हो गई है।
रामपाल सिंह
गांव के तालाबों में अब पानी नहीं रहता। जिस कारण लोग अपने पशु हैंड पंप और सबमर्सिबल पर ही नहलाने को मजबूर हैं। खेतों में सिंचाई करने के लिए पंपिंग सेट जाते हैं। अब पंपिंग सेट में भी उतना पानी नहीं आता। जितना पहले आता था। पानी नहीं मिल पा रहा है।
महीपाल सिंह
गांव के पास दो तालाब हैं। दोनों तालाब सूख गए हैं। इन तालाबों में पानी न होने की वजह से खेतों कमी भी कम हो रही है। जिससे फसल उतनी अच्छी नहीं होती। जितनी पहले होती थी।
शिव कुमार
गांव के पास से पहले एक नहर निकलती थी। बड़े बुजुर्ग बताते हैं। गांगन नदी से ये नहर निकलती था। जो धीरे धीरे नाले में तब्दील हो गई। नाला में पानी न होने की वजह से लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है।
छोटू सिंह
गांव के तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इन तालाबों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों से तालाबों की सूची मांगी गई है। जल्द ही इस पर कार्य भी शुरू कराया जाएगा।
श्रद्घा शांडिल्य, एसडीएम सदर, मुरादाबाद