पाकबड़ा(मुरादाबाद)। ग्यारह साल के बाद बिछड़ी बहन को भाई ने आखिरकार तलाश कर ही लिया और उसे वापस अपने साथ घर ले आया। भाई बहन के प्यार को देखकर रतनपुर कला गांव के लोग हैरान हैं। परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गई।
रतनपुर गांव निवासी सादक हुसैन की बेटी नफीसा की दिमागी हालत ठीक नही थी। वह बचपन से मानसिक रूप से कमजोर थी। उसके पिता ने उसकी शादी चौदह साल पहले गांव निवासी मुनवर पुत्र मकसूद के साथ कर दी थी। नफीसा की दिमागी हालत को ठीक नही होने के चलते उसका और उसके पति के बीच आपस में काफी तनाव रहता था। नफीसा अपने पति का घर छोड़कर पिता के घर आ जाती थी। पिता अपनी बेटी को समझा बुझाकर उसके पति के घर छोड़ आता था। एक दिन शादी के तीन साल के बाद नफीसा ने अपने पति का घर छोड़ दिया और पिता के घर भी नही लौट कर आई। नफीसा के गुम हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया और नफीसा की तलाश की गई लेकिन उसका कहीं भी पता नही चला। उसके भाई जाहिद ने अपनी बहन को तलाश करने की जिम्मेदारी उठाई और वह उसकी तलाश में जुट गया। ग्यारह साल से वह लगातार अपनी बहन को तलाश कर रहा था। गुरूवार सवेरे चार बजे जाहिद की अपनी बहन की तलाश समाप्त हुई उसकी बहन उसे बिजनौर जिले के नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर मिल गई। जाहिद और उसकी बहन नफीसा एक दूसरे को देखकर पहले काफी देर तक रोते रहे। जाहिद को यकीन नही हो रहा था उसकी बहन उसे वापस मिल जायेगी। जाहिद अपनी बहन को लेकर गांव पहुंचा तो पूरा गांव हैरान था। सभी लोग नफीसा के लौटने की उम्मीद खो बैठे थे। नफीसा को देखकर उसके पिता सादक हुसैन, भाई शाहिद, जाहिद, वाहिद सभी रोने लगे। वह नफीसा को देखकर रो रो कर रहे थे वह अब कभी नफीसा को अपने से दूर नही जाने देगें। नफीसा के पिता ने कहा की ग्यारह साल में कोई ऐसा दिन नही था जिस दिन नफीसा को उन लोगों ने याद नही किया हो। उनकी एक इकलौती बेटी के लौटने से बढ़कर उनके लिए कोई खुशी नही है।