चंदौसी। आलू के दामों में आई भारी गिरावट के बाद कोल्ड स्टोर स्वामियों ने आलू को सड़कों के किनारे फेंकना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी अधिकांश वही आलू फेंका जा रहा है, जो भंडारण के दौरान खराब होने लगा है। आलू के सड़ने से माहौल बदबूदार हो रहा है। जिला उद्यान अधिकारी ने सड़े गले आलू को सड़कों पर फेंकने पर प्रतिबंध लगाते हुए ऐसा करने पर कोल्ड स्टोर स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी होती तो उस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आलू भी निकलते हैं, जो किसी न किसी कमी की वजह से खराब होने लगते हैं। सड़ने वाले आलू को अलग करना पड़ता है, अन्यथा सड़के हुए आलू अन्य अच्छे आलू को भी खराब करते रहते हैं। इन दिनों की आलू की कीमतों में भारी गिरावट आ गई है। नए आलू की आमद के कारण पुराने आलू की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। यही कारण है कि कोल्ड स्टोर में रखा पुराना आलू खराब होने लगा है, इस सड़े गले आलू को कोल्ड स्टोर स्वामियों द्वारा सड़कों के किनारे फेंका जा रहा है। यह स्थिति पूरे जिले में हैं। सड़कों पर सड़ा गला आलू और अधिक सड़ कर बदबूदार हो रहा है, जिससे क्षेत्र का वातावरण बदबूदार हो रहा है। इसकी लोगों ने शिकायतें भी जिलाधिकारी कार्यालय में की है।
जिला उद्यान अधिकारी नेपालराम ने बताया कि कोल्ड स्टोर स्वामी अपने कोल्ड स्टोर परिसर के बाहर रोड के किनारे सड़ा गला खराब आलू डाल रहें हैं जिससे अत्यधिक बदबू फैल रही हैं एवं जनमानस में बीमारियां फैलने की भी आशंका है। इसलिए सभी शीतगृह (कोल्ड स्टोर) स्वामियों को निर्देशित किया गया है कि आलू निकासी में निकाला गया सड़ा गला शीतगृह परिसर में गड्ढा खुदवाकर दबाना सुनिश्चित करें। यदि आलू शीतगृह परिसर के बाहर डाला गया है, तत्काल उसे साफ कराना सुनिश्चित करें। यदि खराब आलू सार्वजनिक स्थान पर डाला गया तो उस शीतगृह स्वामी के विरुद्ध शीतगृह विनियम अधिनियम 1976 की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए शीतगृह स्वामी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
कोल्ड स्टोर मालिकों को कैश रसीद जारी करने का निर्देश
चंदौसी। कई कोल्ड स्टोर मालिक किसानों से रेट से अधिक भंडारा किराया वसूल करते हैं। इससे जिला उद्यान अधिकारी ने कोल्ड स्टोर स्वामियों से कैश रसीद जारी करने के निर्देश दिए हैं। कई किसानों ने यह शिकायत की है कि जिले के कई कोल्ड स्टोर स्वामी आलू भंडारण कर्ताओं से 140 से 150 रुपये प्रति कट्टा भंडार प्रभार लिया गया है। जो शीतगृह एसोसिएशन उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित दर से अधिक है, जो गलत है। आलू भंडारण प्रभार की कैश रसीद तत्काल लौटती डाक से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।