चंदौसी। वोटर लिस्टों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान का शुक्रवार को अंतिम दिन है। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में व उप जिलाधिकारी चंदौसी ने एसएम कालेज में बीएलओ, लेखपालों, सुपरवाइजर्स व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिलेभर में दो महीने में 72826 नए मतदाता बनाए गए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार बहजोई में निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाबत बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वह सब बूथों पर अपने-अपने बूथ लेबिल एजेंट नियुक्त कर दें जिससे पुनरीक्षण कार्य पूरी सुचिता के साथ संपन्न कराया जा सके। मतदान केंद्रों, मतदेय स्थलों तथा विधानसभा क्षेत्र वार मतदाताओं का ब्यौरा देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में मतदान केंद्र 892, मतदेय स्थल 1682और पुरुष मतदाता संख्या 816840 व महिला मतदाता संख्या 674041 और कुल जनपद के मतदाता संख्या 1500989 हैं। एक सितंबर-2018से 25 नवंबर तक जनपद में सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत प्राप्त ऑनलाइन फार्म- 6 मतदाता संख्या 48125, फार्म-6 दिव्यांग मतदाता-157, फार्म-6 महिला मतदाता संख्या 25738, फार्म- 07 कुल प्राप्त मतदाता संख्या -20989, कुल प्राप्त फार्म-08 मतदाता संख्या 3434. कुलप्राप्त फार्म-8 ए 278, कुल-72826 हैं। एक सितंबर से 30 नवंबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में अब तक जिले में कुल 72826 मतदाता बनने के आवेदन प्राप्त हैं। जिनके सापेक्ष 13645 की फीडिंग कराकर मतदाता सूची में शामिल किया जा चुका है।
बैठक में एडीएम लवकुश कुमार त्रिपाठी, एसडीएम चंदौसी महेश कुमार दीक्षित, डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, नगर महामंत्री ललित मोहन शर्मा आदि शामिल रहे। इधर, एसएम कालेज चंदौसी में उप जिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित की अध्यक्षता में संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर बैठक ली। सभी की समस्याओं को जाना और उनका निराकरण कराया। चंदौसी क्षेत्र में 12 हजार नए मतदाता बढ़ाए गए हैं।
शहरी क्षेत्रों में घरों पर दस्तक देने नहीं पहुंचे बीएलओ
चंदौसी। मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे घर हैं, जहां बीएलओ ने दस्तक नहीं दी है। इससे बड़ी संख्या में लोग वोटरलिस्ट में शामिल होने से वंचित रह गए हैं। लोगों का कहना है कि बीएलओ बूथों पर ही गए हैं। घर घर जाने के निर्देश चुनाव आयोग ने दिए थे लेकिन बीएलओ कुछेक स्थानों पर ही गए और बैठकर फार्म भर लिए। बीएलओ यदि घर घर जाते तो निश्चित ही किसी का नाम मतदाता सूची से वंचित नही रहता है। इधर शहरी क्षेत्रों में वीएलओ लोगों के घरों पर नहीं पहुंचे हैं, जिससे अभी भी कई लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं।