चंदौसी। अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल बजरंग दल के कार्यकर्ता को संयुक्त चिकित्सालय में उचित व समय पर उपचार नहीं मिलने से नाराज बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने डाक्टरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। डाक्टरों से तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद डाक्टर व चिकित्सा कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। कार्रवाई के आश्वासन के बाद डाक्टरों ने एक घंटे बाद उपचार करना शुरू किया।
सोमवार की सुबह बजरंग दल के गोरक्षा नगर प्रमुख विनय प्रजापति रिश्तेदार को रेलवे स्टेशन छोड़कर लौट रहे थे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। विनय को घायल देख राहगीरों ने 108 एंबुलेंस बुला उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय में भेज दिया, लेकिन सुबह छह बजे संयुक्त चिकित्सालय में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। बजरंग दल के जिला सह संयोजक नितिन शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे।
नितिन शर्मा का आरोप है कि उन्होंने डाक्टर को बुलाने की कोशिश की लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। काफी देर बाद चिकित्सक आए तो कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। चिकित्साधीक्षक से नोकझोंक हो गई। कार्यकर्ताओं ने उपचार में लापरवाही व देरी से आने पर विरोध प्रदर्शन किया।
अस्पताल में हंगामा होने लगा तो चिकित्साधीक्षक डा. संतोष कुमार ने कोतवाली पुलिस को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद घायल को अन्यत्र अस्पताल में ले जाया गया।
एंबुलेंस जैसे ही अस्पताल में घायल को लेकर आई, वैसे ही मैं स्वयं फार्मेसिस्ट सहित पहुंच गया। छह बजे ही उपचार शुरू कर दिया गया। युवक को संभवत: दौरा पड़ता था जो बेहोश हो गिर गया, जिससे वह घायल हो गया।
कार्यकर्ताओं ने यहां हंगामा किया, डाक्टरों से अभद्रता की, जिससे नाराज होकर डाक्टर व चिकित्सा कर्मी भी काम छोड़कर बैठ गए थे। पुलिस ने फोन रिसीव नहीं किया। सीएमओ को मामले की जानकारी दी गई। इसके कुछ ही देर बाद डाक्टरों, चिकित्सा कर्मियों ने अपना कार्य शुरू कर दिया। डा. संतोष गंगवार, प्रभारी चिकित्साधीक्षक संयुक्त चिकित्साधिकारी चंदौसी।