बिहार राज्य की श्योहर पुलिस के असहयोग के कारण आखिरकार, चार दिन के बाद एक महिला के घर का पता नहीं चल सका। चार दिन के बाद महिला को कोतवाली पुलिस के माध्यम से नारी शरणालय मुरादाबाद भेज दिया गया है। महिला अब अपनों के साथ दीपावली का त्योहार नहीं मना सकेगी।
चार दिन पहले महिला को कोई व्यक्ति वूमेन पावर लाइन-1090 की जिला समन्वयक संगीता भार्ग के आसा पर छोड़ गया। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। महिला वहीं बैठकर रो रही थी। संगीता भार्गव ने महिला ने पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद को जानकारी देने के बाद उससे बातचीत की तो महिला मूकबधिर होने के कारण कुछ बता नहीं सकी। लेकिन टूटी फूटी हिंदी में लिख पा रही थी, जिसमें उसने जिला श्योहर और गांव पिपहरी लिखा।
सोमपाल का नाम भी लिखा। अपना नाम अंजू लिखा। पुलिस अधीक्षक श्योहर संतोष कुमार से फोन पर बातचीत की गई, पहले तो उन्होंने टीम भेजकर पिपहरी से जानकारी हासिल कराने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में श्योहर पुलिस ने अपेक्षित सहयोग करना बंद कर दिया। टालमटोल करने लगे।
संभल पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। आईटीआई से मूकबधिर भाषा के विशेषज्ञ को भी बुलाकर जानकारी का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। चार दिन के बाद आखिरकार, हार कर संगीता भार्गव ने महिला को चंदौसी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। महिला को शुक्रवार को महिला शरणालय मुरादाबाद भेज दिया गया।